
बलिया। हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी गांव में वर्ष 2022 के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 1.85 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बलिया (कोर्ट-04) ने शुक्रवार को प्रवीण सिंह उर्फ भोलू, संजीत सिंह और सोनू सिंह उर्फ अमन सिंह को दोषसिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई। ये तीनों सोनवानी, थाना हल्दी के निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी को इस निर्णय का परिणाम माना जा रहा है।
न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया। धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, धारा 201 में पांच वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 394 में दस वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 411 में तीन वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में चार वर्ष कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन अधिकारी एडीसी संदीप कुमार तिवारी ने प्रभावी पैरवी की।
30 अगस्त 2022 की रात हुई थी हत्या
बलिया। हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी गांव में 30 अगस्त 2022 की घटना है। आरोपियों ने पिता और दो बेटों की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। मुख्य आरोपी भोलू सिंह का संदीप से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रजिश में भोलू सिंह ने अपने साथियों मानवेंद्र, अमन, और संजीत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 30 अगस्त की शाम भोलू ने संदीप को कटहल और आम ताोड़ने के बहाने बुलाया। संदीप को उसके साथ जाते हुए पिता उमाशंकर सिंह और भाई विक्रम सिंह ने देखा था। पहचान उजागर होने की आशंका में आरोपियों ने पहले संदीप और फिर विक्रम की धारदार हथियार से हत्या कर दी।
इसके बाद दोनों के शवों को पास के कुएं में फेंक कर उपर से जलकुंभी डाल दी। ताकि किसी को भनक न लगे। इसके बाद आरोपी संदीप के घर पहुंचे जहां सो रहे पिता उमाशंकर सिंह की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव घर की रसोई में चौकी के नीचे छिपा दिया। घटना के बाद आरोपी खुद भी मौके पर जुटी भीड़ में शामिल होकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे। हालांकि पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर मुख्य आरोपी भोल सिंह समेत मानवेंद्र अमन और संजीत को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथयार भी बरामद कर लिया।

