
बलिया। कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। यह बहिष्कार बैरिया में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों के विरोध में किया गया। अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस प्रदर्शन को क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन और द सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों का भी समर्थन प्राप्त हुआ। प्रदर्शन से पूर्व अधिवक्ताओं ने एक बैठक आयोजित की थी।
क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि तहसील बार एसोसिएशन बैरिया के वर्तमान अध्यक्ष, मंत्री और दो अन्य अधिवक्ताओं पर कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप लगाया कि बैरिया में संविदा कर्मचारी शैलेष चौधरी जनता से फर्जी काम के नाम पर लाखों रुपये वसूलता था। वह अपना कमरा बंद करके काम करता था और जब लोग अपने पैसे वापस मांगने या काम पूरा कराने जाते थे, तो वह टालमटोल करता था।
आरोप है कि शैलेष चौधरी खतौनियों में गलत प्रविष्टियां दर्ज करता था, जिसमें एसडीएम और तहसीलदार की भी कथित मिलीभगत थी। बताया गया कि वे शाम को पैसे का बंटवारा करते थे। इसी भ्रष्टाचार के विरोध में कुछ ग्रामीण दरवाजा खुलवाकर प्रदर्शन कर रहे थे। अधिवक्ताओं ने भीड़ देखकर बीच-बचाव करने का प्रयास किया, ताकि कोई अनुचित कार्य न हो। अधिवक्ताओं का कहना है कि शैलेष चौधरी के अनुसूचित जाति से संबंधित होने का लाभ उठाते हुए एसडीएम और तहसीलदार ने उन पर फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी।
इस अवसर पर सिविल बार एसोसिएशन बलिया के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह, चंद्रशेखर सिंह, अभय सिंह, प्रमोद सिंह, सुशील सिंह, अमरदीप सिंह, राकेश कुमार मिश्र, राजकुमार तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता विपिन बिहारी सिंह, पाण्डेय गोविंद, अमरदेव सिंह, शिवनारायण गिरि, बसंत कुमार पाण्डेय, रामप्रकाश सिंह और अरुण कुमार श्रीवास्तव सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता मदन लाल वर्मा ने की और संचालन महामंत्री बालेंदु कुमार ओझा ने किया।

