
रेवती (बलिया)। रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी कामजी गोंड की मौत के मामले ने रविवार को तूल पकड़ लिया। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बर्बर पिटाई का आरोप लगाते हुए शव के साथ रेवती-बलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। अधिकारियों के आश्वासन और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद करीब आधे घंटे में जाम समाप्त हुआ तथा परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को गायघाट के खेदन चौराहे पर कामजी गोंड के पुत्र विशाल और सूरज कनौजिया के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इस मामले में सूरज पक्ष ने थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि 8 जुलाई को पुलिस विशाल की तलाश में उसके घर पहुंची और उसके नहीं मिलने पर पिता कामजी गोंड को उठाकर थाने ले गई। परिजनों का आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।
परिजनों के अनुसार, पहले उन्हें सीएचसी रेवती, फिर जिला अस्पताल बलिया और बाद में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर किया गया, जहां 10 जुलाई की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को वाराणसी में पोस्टमार्टम के बाद देर रात पुलिस निगरानी में शव गांव लाया गया।

रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने रेवती-बलिया मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, क्षेत्राधिकारी बैरिया आलोक कुमार गुप्ता समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों द्वारा वार्ता के बाद मृतक के पुत्र विशाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद परिजनों ने जाम समाप्त कर अंतिम संस्कार किया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने भी मारपीट की थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति तथा आर्थिक सहायता की मांग की है।
एसडीएम ने बताया…
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट के मामले में पुलिस पूछताछ के लिए मृतक को थाने लाई थी। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की मांग पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

