
बलिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 व बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग-922 को जोड़ने के लिए महुली में गंगा नदी पर लगभग 1600 करोड़ रुपये से नया पक्का पुल बनेगा। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इसका डीपीआर लगभग फाइनल हो गया है। महुली गंगा नदी पर पक्के पुल का निर्माण होने से एनएच-31 से बिहार के आरा की दूरी करीब 40 किमी हो जाएगी, जबकि वैसे यह दूरी करीब 80 किमी है। बिहार की सीमा में स्थित महुली घाट पर गंगा नदी के ऊपर लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत से 27 किमी फोरलेन सड़क एवं सेतु निर्माण की योजना अब अंतिम चरण में है। परियोजना का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से कराया जाएगा।
सेतु के निर्माण से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। इससे बलिया, आरा, छपरा, सिवान, भोजपुर सहित आसपास के जिलों के लोगों को दिल्ली, लखनऊ सहित कई महानगरों की यात्रा आसान हो जाएगी। इस परियोजना से समाजवाद के पुरोधा जयप्रकाश नारायण तथा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का सपना भी साकार हो जाएगा। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने इसकी पहल की थी।
महुली घाट पर कई दशकों से पीपा पुल के सहारे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों का आवागमन होता रहा है। बरसात के दिनों में पीपा पुल हटने से लोगों को लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है। स्थायी फोरलेन सेतु बनने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।

