
बलिया। नगर के कुंवर सिंह चौराहा स्थित प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। जांच में केंद्र पर बाहरी कंपनियों की दवाओं का भंडारण और बिक्री मिली।
विभाग ने 28 प्रकार की गैर-पीएमबीआई दवाओं को कब्जे में लेकर सैंपलिंग की तथा दवा केंद्र की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि जनऔषधि केंद्र पर निर्धारित सूची से बाहर की दवाएं बेची जा रही हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय के नेतृत्व में टीम ने सोमवार दोपहर केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 28 विभिन्न कंपनियों की ऐसी दवाएं बरामद हुईं, जिनका प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर भंडारण और विक्रय नियमों के तहत नहीं है। विभाग ने सभी दवाओं को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। जांच के दौरान केंद्र की प्रोपराइटर अलका श्रीवास्तव एवं नियुक्त फार्मासिस्ट उत्कर्ष सिंह मौके पर अनुपस्थित पाए गए, जिसे भी विभाग ने गंभीरता से लिया है।
शॉर्टेज का हवाला देकर बाहर से मंगाई जा रही थीं दवाएं
जनऔषधि केंद्र संचालक की ओर से बताया गया कि कुछ आवश्यक दवाओं की उपलब्धता जनऔषधि आपूर्ति श्रृंखला में नहीं होने के कारण मरीजों की सुविधा के लिए बाहर से जेनरिक दवाएं मंगाकर बेची जा रही थीं। संचालक का दावा है कि सभी दवाओं के बिल एवं वाउचर उपलब्ध हैं और ऐसी व्यवस्था अन्य केंद्रों पर भी अपनाई जाती है।

