
बलिया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम शहर के माल गोदाम के सामने चटोरी गली स्थित एक स्पा सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सात नाबालिग समेत कुल आठ लड़कियों को बरामद किया। छापेमारी के दौरान मौके से चार से पांच लड़कों को भी हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पा सेंटर को सील कर दिया। देर रात तक कोतवाली थाने में दिल्ली पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पूछताछ चलती रही।

जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले का खुलासा दिल्ली में दर्ज एक लड़की की गुमशुदगी के मुकदमे की जांच के दौरान हुआ। दिल्ली पुलिस ने जांच के क्रम में पहले गुजरात से एक लड़की को बरामद किया था। पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि बलिया के एक स्पा सेंटर में काम करने वाली दूसरी लड़की ने उसे गुजरात भेजा था। इसी सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम तत्काल बलिया पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्पा सेंटर पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर के अंदर मौजूद सात नाबालिगों सहित कुल आठ लड़कियों को बरामद किया गया। इसके अलावा मौके से कुछ युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बरामद लड़कियों को मेडिकल परीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया के बाद शुक्रवार रात सुरक्षित रूप से ‘वन स्टॉप सेंटर’ भेज दिया गया। जांच के दौरान स्पा सेंटर संचालक की पहचान मोनू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह महेश चंद्र शर्मा का पुत्र है और मूल रूप से मदन गिरी, अंबेडकर नगर, दक्षिण दिल्ली का निवासी है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और इस पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पा सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में मानव तस्करी, नाबालिगों को अवैध रूप से रखने और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दिल्ली पुलिस और बलिया पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि स्पा सेंटर की आड़ में कहीं कोई संगठित गिरोह तो संचालित नहीं हो रहा था।

