
बलिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने दीप प्रज्वलित एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अश्वनी कुमार दूबे, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजीव कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी लोक अदालत प्रथम कान्त, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह, क्रिमिनल बार एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्र एवं सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह समेत न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक प्रबंधक एवं वादकारी उपस्थित रहे। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने कहा कि लोक अदालत सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित और सुलभ न्याय का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने न्यायिक एवं राजस्व विभाग के बेहतर समन्वय, न्यायिक नैतिकता तथा न्यायिक कार्यों में हिंदी भाषा के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया। वहीं जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने न्याय को सरल, सुलभ एवं मानवीय बनाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना, राजस्व, बैंक, विद्युत एवं दूरसंचार विभाग से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में कुल 3,924 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमें 5.14 लाख रुपये अर्थदंड तथा 1.68 करोड़ रुपये से अधिक के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने नौ मामलों में 90.80 लाख रुपये प्रतिकर राशि प्रदान की। राजस्व विभाग ने सर्वाधिक 26,271 मामलों का निस्तारण किया, जबकि विद्युत विभाग ने 24,606 मामलों का समझौते के माध्यम से निपटारा किया। बैंकों ने 747 प्री-लिटिगेशन मामलों में 3.56 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय की, जिसमें मौके पर ही 1.76 करोड़ रुपये की वसूली की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 55,590 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 19,01,69,899 रुपये की समझौता धनराशि तय हुई, जबकि मौके पर ही 14,54,67,011 रुपये की वसूली की गई।

