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Ballia : स्कूल चलो अभियान की समीक्षा में लापरवाही पर सख्त रुख, बीईओ गड़वार का वेतन रोकने के निर्देश

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बलिया। मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित “स्कूल चलो अभियान” समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में नामांकन, आरटीई प्रवेश, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण कार्य सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


आरटीई के तहत प्रवेश की समीक्षा में कुछ ब्लॉकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। विशेष रूप से नगर क्षेत्र और चिलकहर की प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया कि अभिभावकों से सीधे संपर्क स्थापित कर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराएं। साथ ही, जिन निजी विद्यालयों द्वारा जानबूझकर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।


स्कूल चलो अभियान के तहत इस वर्ष जनपद के लिए 75 हजार नए नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 55 हजार नामांकन से काफी अधिक है। सभी ब्लॉकों और विद्यालयों को लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है और निर्देश दिए गए हैं कि समयबद्ध तरीके से नामांकन कर पोर्टल पर फीडिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी से पास हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका तत्काल नामांकन कराने के भी निर्देश दिए गए। इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। वहीं पीएम श्री विद्यालयों में नामांकन लक्ष्य 30 अप्रैल तक पूरा करने को कहा गया है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की प्रगति असंतोषजनक
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निर्माण कार्यों की प्रगति भी असंतोषजनक पाई गई। इस पर कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया कि सभी बीईओ दो दिनों के भीतर निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही निर्माण कार्य के समानांतर स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। जिन स्थानों पर निर्माण कार्य धीमा है, वहां संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी का रोका गया वेतन
बैठक में गड़वार ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी की प्रगति बेहद खराब पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि नामांकन और निर्माण कार्यों में जल्द सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को भेजा जाएगा।

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