
बलिया। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में गुरूवार को कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा को सौंपा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भारी संख्या मे संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
संघ की जिलाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य कर रही हैं। वे पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती आ रही हैं। इसके बावजूद, आंगनबाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
श्वेता मिश्रा ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और सवेतन मेडिकल अवकाश सहित सभी वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो उसे कुर्सी से उतरना ही होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी नौ अन्य मांगें भी हैं।
संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष ने दिया समर्थन
संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का वेतन बढ़ाने की बात कही है, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्री पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि उनका संगठन आंगनबाड़ी कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

