You can find updated Android installation instructions and app information on BC Game APK India.

Asarfi

Ballia : बाढ़ और कटान से बचाव में लापरवाही का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

width="500"

महराजपुर-चांदपुर में तत्काल जियोट्यूब लगाने की मांग, भोजपुरवा में अस्थायी ठोकर और बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत व्यवस्था की उठाई आवाज
बलिया।
बांसडीह में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज हो रहे कटान को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। बाढ़ प्रभावित गांवों को कटान से बचाने और राहत व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बांसडीह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से महराजपुर, चांदपुर, भोजपुरवा, सुल्तानपुर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है। नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने बताया कि 20 जुलाई को दिए गए ज्ञापन के बाद तत्कालीन प्रभारी अधिकारी ने तीन दिन का समय लेते हुए महराजपुर-चांदपुर समेत अन्य गांवों को कटान से बचाने के लिए तत्काल व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि इसके विपरीत कार्य की गति धीमी है, जबकि सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कटान भी तेजी से जारी है। इससे ग्रामीणों को अपने आशियाने उजड़ने का डर सताने लगा है।


ज्ञापन में कहा गया है कि जिलाधिकारी ने महराजपुर गांव को बचाने के लिए तत्काल जियोट्यूब लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने आदेश का पालन नहीं किया। ग्रामीणों ने बाढ़ विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह पर ग्रामीणों के बीच कथित तौर पर असंवेदनशील बयान देने का भी आरोप लगाया है। ज्ञापन में मांग किया गया है कि जिलाधिकारी के आदेश का पालन करते हुए महराजपुर-चांदपुर गांव को बचाने के लिए तत्काल जियोट्यूब और अन्य आवश्यक कार्य युद्धस्तर पर पूरे कराए जाएं। भोजपुरवा गांव को बचाने के लिए अस्थायी ठोकर का निर्माण कराने के साथ ही सुल्तानपुर, भोजपुरवा, महराजपुर, चांदपुर समेत सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में सोलर लाइट, बाढ़ राहत शिविर, प्रभावित लोगों के लिए भोजन-पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था कराने की मांग की गई।


साथ ही सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह के कथित बयान को लेकर उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव राहत एवं आपदा विभाग और जिलाधिकारी बलिया को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कटानरोधी कार्य और राहत व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *