
बलिया। गंगा नदी के बढ़ते कटान से कोटवां नारायणपुर और आसपास के क्षेत्रों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पूर्व मंत्री नारद राय के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने गंगा कटान रोकने के लिए तत्काल स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि कोटवां नारायणपुर गंगा नदी के तट पर बसा एक प्राचीन गांव है, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 गुजरता है। गांव के समीप गंगा तट पर डाकबंगला और प्रसिद्ध मंगला भवानी मंदिर भी स्थित हैं। इन स्थलों की सुरक्षा के लिए पूर्व में गंगा किनारे पोस्ता (सुरक्षा तटबंध) का निर्माण कराया गया था।
पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि बरसात के दौरान गंगा की तेज धारा सीधे पोस्ता से टकराती है, जिससे यह संरचना काफी कमजोर हो गई है। करीब 30 वर्ष पूर्व शासन की ओर से लगभग चार किलोमीटर क्षेत्र में पत्थर के बोल्डर लगाकर कटानरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन समय के साथ अधिकांश बोल्डर गंगा की धारा में दब गए हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो गंगा नदी कभी भी पोस्ता को तोड़कर अपनी धारा बदल सकती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्ग-31, नारायणपुर गांव, मंगला भवानी मंदिर और डाकबंगला समेत आसपास के इलाके गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान वर्तमान में भी एनएच-31 पर पानी चढ़ जाता है और सड़क के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि पोस्ता, डाकबंगला, मंगला भवानी मंदिर और आसपास के करीब चार किलोमीटर क्षेत्र में नए सिरे से पत्थर के बोल्डर लगाकर गंगा कटान को रोका जाए। उनका कहना था कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

