
बलिया। जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज के लिए ड्यूटी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। बुधवार की सुबह चार बजे के बाद अस्पताल में पड़ताल के दौरान इमरजेंसी, मेडिकल, हड्डी और सर्जिकल वार्ड समेत कई वार्डों में ड्यूटी पर स्टाफ नर्स मौजूद नहीं मिली। उनकी जगह वार्डों में निजी पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों की देखभाल करते मिले। उसमें से एक नेे बताया कि एक रात ड्यूटी करने का 400 रूपयेे लेते है। इस दौरान चार वार्डों में सिर्फ दो स्टाफ नर्स ही ड्यूटी पर मिलीं उनमें से एक सो रही थीं।
इमरजेंसी, मेडिकल, हड्डी और सर्जिकल वार्डों में करीब 147 मरीज भर्ती थे जिनमें 12 बच्च भी शामिल रहेे। ऐसे में रात की ड्यूटी के दौरान प्रशिक्षित स्टाफ नर्सो की गैरमौजूदगी मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। भर्ती मरीजों को दवा देने, इंजेक्शन लगाने, ड्रिप चढ़ानेे आर चिकित्सकीय निर्देशों के अनुसार तत्काल देखभाल की जिम्मेदारी स्टाफ नर्सों की होती है। वार्डों में सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसी कैमरे लगे है, जिनकी मानिटरिंग लखनऊ मुख्यालय से होती है। इसके बावजूद डयूटी के प्रति लापरवाही और मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसके यादव ने बताया कि रात में स्टाफ नर्सों के ड्यूटी स गायब रहन का मामला गंभीर है। अटेंडेंस मशीन से इन और आउट की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ी तो सीसी कैमरे भी चेक किए जाएंगे। यदि कोई स्वास्थ्य र्मी ड्यूटी के दौरान गैरहाजिर मिला व लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

