
बलिया। प्रदेश भर के रजिस्ट्री कार्यालयों में चल रही आयकर विभाग की जांच के क्रम में सिकंदरपुर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में सोमवार को वाराणसी से आई आयकर विभाग की टीम ने दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान टीम 35 दस्तावेजों की कॉपियां अपने साथ वाराणसी लेकर चली गई।
आयकर विभाग के दो अधिकारियों की टीम ने पिछले एक माह के दौरान हुई जमीन और मकान की रजिस्ट्रियों का परीक्षण किया। विशेष रूप से 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों से संबंधित रजिस्ट्रियों की गहन जांच की गई। इस दौरान रजिस्ट्री में लगाए गए पैन कार्ड का मिलान किया गया और संबंधित लेन-देन की आय संबंधी जानकारी भी खंगाली गई।
नियमों के अनुसार 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति के लेन-देन में पैन कार्ड का उल्लेख अनिवार्य होता है। टीम ने रजिस्ट्री में संलग्न पैन कार्ड व अन्य दस्तावेजों का मिलान किया। जांच के दौरान संदिग्ध पाए गए 35 दस्तावेजों की कॉपियां आगे की जांच के लिए अपने साथ वाराणसी ले गई।
प्रभारी उप निबंधक सिकंदरपुर दीप नारायण पांडेय ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच की गई है। जिन 35 दस्तावेजों में लगे पैन कार्ड संदिग्ध पाए गए, उनकी प्रतियां जांच के लिए साथ ले जाई गई हैं। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग हर वर्ष इस प्रकार की जांच करता है। रजिस्ट्री पर लगने वाले एक प्रतिशत आयकर की भी जांच की जाती है।

