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Ballia : बलिया में जमीन विवाद को लेकर चाचा-भतीजा की हत्या, चार घायल

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सिकंदरपुर (बलिया)। स्थानीय थाना क्षेत्र के खरीद गांव में भवानी माता मंदिर के पास बुधवार शाम दो परिवारों के बीच जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में चाचा भतीजे की हत्या कर दी गयी। जबकि दो महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना बुधवार देर शाम करीब 7ः30 से 8 बजे के बीच सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के भवानी माता मंदिर के पास की है। मोतीचंद्र यादव (60) अनिल यादव और पंकज यादव अपने घर पर थे, तभी पड़ोसी पट्टीदार रामजीत यादव के परिवार के लोग लाठी-डंडा, कुदाल, फावड़ा और कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब तक कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ किये गए हमले में मोतीचंद्र, उनके चचेरे भाई के पुत्र अनिल (42), अनिल के भतीजा पंकज (24) और पंकज की माता गीता (55) गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अनिल की पत्नी चंद्रकला, बेटी संजना (13) और बेटे शुभम (10) को भी चोटें आईं। घटना के बाद घायलों को आनन-फानन में सीएचसी सिकंदरपुर पहुँचाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने अनिल और पंकज को मृत घोषित कर दिया, जबकि मोतीचंद्र और गीता मऊ के प्रकाश हॉस्पिटल में इलाज जारी है।

ये हैं पूरा मामला
मोती चंद्र यादव और उनके पड़ोसी रामजीत यादव के परिवारों के बीच जमीन को लेकर पिछले करीब 25 वर्षों से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी है। बुधवार शाम अनिल और उसका भतीजा पंकज घर के सामने एक दूसरे मकान के बाहर अलाव ताप रहे थे। पत्नी और बेटियां घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान रामजीत यादव के परिवार के करीब आधा दर्जन से अधिक लोग लाठी-डंडा और धारदार हथियार लेकर पहुंचे और मोतीचंद, अनिल, पंकज के परिवार पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने पंकज के चचेरे दादा मोती को भी बुरी तरह पीटा। मोतीचंद पैर से विकलांग है और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। लाठी के सहारे किसी तरह चलते है। मोतीचंद अविवाहित हैं। इसके अलावा अनिल के मासूम बेटे शुभम, बेटी संजना पर भी डंडे बरसाए। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

1995 से कोर्ट में मामला, लिखित आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
मृतक पंकज के मौसेरे भाई ऋषिकेश ने बताया कि रामजीत यादव ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। यह मामला 1995 से ही कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट की ओर से जमीन को कब्जामुक्त कराने का लिखित आदेश प्रशासन को जारी किया गया था, पर एसडीएम और पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एक माह पूर्व भी हुई थी मारपीट
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक महीने पूर्व दोनों परिवारों में मारपीट हुई थी। जिसमें दोनों पक्षों से आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को गिरफ्तार किया था और कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।

इलाहाबाद में पढ़ते हैं पंकज के जुड़वा भाई, पिता सीआरपीएफ में
पंकज यादव के दो छोटे जुड़वा भाई प्रवीण यादव और पीयूष यादव इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई करते हैं। पंकज की तीन बहने भी हैं। पंकज भाई बहन में सबसे बड़ा था। घटना के वक्त दोनों छोटे भाई इलाहाबाद में थे। वहीं पंकज के पिता सीआरपीएफ में दिल्ली में तैनात हैं। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज के पिता कुछ दिन पूर्व घर आए थे, पर विवाद के चलते छुट्टी खत्म होने से पहले ही वापस चले गए।

अब हम लोगो का परवरिश कौन करेगा
अनिल यादव की हत्या के बाद उसका बेटा शुभम 10 वर्ष का रो रो कर बुरा हाल था, हालांकि उसको भी चोटे लगी थी, चोट की दर्द से नही अपने पिता की खोने के दर्द से मासूम परेशान था, शुभम ने बताया कि हमारे अलावा मेरे घर मे मेरी दीदी संजना यादव व मां चन्द्रकला देवी है। पिता जी कमाते थे तो परिवार का खर्च चलता था, और हम लोग पढ़ते थे, हम लोगो की दुनिया ही उजड़ गयी है अब।

एसपी बोले, दोनों घरों से सीसीटीवी के डीवीआर जब्त
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी ओमवीर सिंह फोरेंसिक टीम समेत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्टा किए। एसपी ने कहा कि परिजनों से तहरीर प्राप्त हो गयी है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। घटना स्थल पर आमने सामने दोनों घरों में सीसीटीवी लगे मिले हैं। डीवीआर जब्त कर लिए गए हैं। हमलावरों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा मामले में ढिलाई बरतने की भी जांच हो रही है। अगर कोई दोषी मिला तो कार्रवाई होगी। हमलावरों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल आरोपी फरार हैं। गांव में पर्याप्त मात्रा में फोर्स तैनात की गई है।

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