
मामला मानक के साथ अनदेखी और कुलपति के तबादले का
रोशन जायसवाल,
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) के नए भवनों के हैंडओवर को लेकर चल रहा जांच मामला चर्चाओं में है। शासन स्तर पर गठित जांच समिति ने मंगलवार और बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर नए भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान टीम को कई तकनीकी खामियां मिलीं, जिसके बाद हैंडओवर प्रक्रिया पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं चर्चा यह है कि कुलपति के आपत्ति पर उनका तबादला कर दिया गया। जबकि उनका छह माह का कार्यकाल भी बढ़ाया गया था।
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 70 से 78 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, लाइब्रेरी, कुलपति आवास, शिक्षक भवन व सड़क मार्ग समेत कुल सात योजनाओं का निर्माण कराया गया है। कार्यदाई निर्माण लोक निर्माण विभाग, आजमगढ़ की मानें तो काम पूरा भी कर दिया गया है, सिर्फ हैंडओवर की प्रक्रिया पूरा करना है।

निरीक्षण के दौरान मिली ये खामियां
जांच समिति ने निरीक्षण के दौरान सड़क की चौड़ाई मानक के अनुरूप न होने, इंटरलॉकिंग कार्य में कमियां, एकेडमिक भवन, लाइब्रेरी और कुलपति आवास से जुड़े निर्माण कार्यों में त्रुटियां मिलने पर आपत्तियां दर्ज कीं। सूत्रों के अनुसार इन्हीं खामियों के कारण भवनों का औपचारिक हैंडओवर अब तक नहीं हो सका है। इसके चलते भवनों के उपयोग पर भी रोक लगी हुई है, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
निर्माण एजेंसी का दावा, सबकुछ ओके
वहीं निर्माण एजेंसी का दावा है कि सभी भवन निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं और उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार गुणवत्ता और मानकों को लेकर सवाल उठाता रहा है।

कुलपति के तबादले पर चर्चाएं तेज
कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के तबादले को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि उनका तीन वर्षीय कार्यकाल बहुत ही शानदार रहा है और विकास वाला रहा है। कार्यकाल पूरा होने के बाद शासन ने छह माह का सेवा विस्तार दिया था, लेकिन इसी दौरान उनका तबादला होने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि कहीं भवन हैंडओवर और जांच प्रक्रिया की आंच में यह फैसला तो नहीं लिया गया।
जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
विश्वविद्यालय परिसर में दो दिनों तक चले निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी स्तर पर गठित समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक कर हैंडओवर प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा भी की। अब समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
नए कुलपति के सामने सबसे बड़ी चुनौती
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि निवर्तमान कुलपति द्वारा भवन निर्माणों पर बिंदुवार आपत्ति को दरकिनार करते है या कार्यदाई संस्था द्वारा हैंडओवर प्रक्रिया को अपनाते है। सूत्र यह भी बता रहे है कि शुक्रवार को कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला, वित्तीय अधिकारी आनंद दुबे निवर्तमान कुलपति द्वारा आपत्ति की गई बिंदुओं का अपन स्तर से जांच पड़ताल कर रहे थे।

