बलिया। चंद्रशेखर नगर स्थित शक्ति स्थल स्कूल परिसर में विद्यालय के संस्थापक एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. अवध बिहारी तिवारी ‘लहरी’ की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विद्यालय के प्रबंधक दुर्गादत्त त्रिपाठी ने डॉ. लहरी के जीवन एवं साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनेक रचनाएं कीं। उनके द्वारा रचित 11 एकांकियों के संग्रह ‘एकादश एकांकी’ का विद्यालय परिसर में उनके निर्देशन में मंचन भी कराया गया था। इनमें ‘दहेज’ और ‘बेटी’ नामक एकांकियों को विभिन्न स्थानों पर सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि डॉ. लहरी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। चिकित्सा के साथ साहित्य और अभिनय के क्षेत्र में भी उनकी विशेष रुचि थी।

प्रधानाचार्य आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. लहरी ने विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी प्रेरणा से पिछले 35 वर्षों से विद्यालय शिक्षा की अलख जगा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. लहरी समन्वयवादी व्यक्तित्व के धनी थे। साहित्यिक और धार्मिक मंचों के साथ ही अभिनय के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी विद्वता और सरल व्यवहार के कारण समाज के हर वर्ग के लोग उन्हें अपना मानते थे। उनकी अनुपस्थिति आज भी विद्यालय परिवार को खलती है।
इस अवसर पर संतोष ठाकुर, विनीत तिवारी, अतुल कुमार पांडेय, निकिता, ओमप्रकाश त्रिपाठी, राखी सिंह, तस्मिया, दुर्गा उपाध्याय, नीलू श्रीवास्तवा, रामजी त्रिपाठी, शिवानी, सत्यम, दिव्यांश, शिवांशी, शिवांश, दिव्यांशी, वेदांशी आदि उपस्थित रहे। संचालन साकेत त्रिपाठी ने किया।
