
रोशन जायसवाल,
बलिया। चितबड़ागांव में तहसील बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार द्वारा चितबड़ागांव में तहसील बनाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं प्रक्रिया तेज होने के बाद चितबड़ागांव वासियों में खुशी का माहौल व्याप्त है। जहां एक तरफ लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व दूसरी तरफ पूर्व मंत्री नारद राय को बधाई भी दे रहे है।
हालांकि लोग ये भी कह रहे है कि तहसील तो बहुत पहले बन जाना चाहिए था लेकिन नहीं बन सका। प्रयास तो कई नेताओं ने किया लेकिन पूर्व मंत्री नारद राय ने ही चितबड़ागांव को तहसील बनाने का जो प्रयास किया वह सफल साबित हो रहा है। इसको लेकर सोमवार को चितबड़ागांव वासियों से अलग-अलग राय ली गई।
लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया

व्यापार मंडल के नेता श्रीराम स्वर्णकार ने कहा कि तहसील के बनने से व्यापार जगत को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं राघवेंद्र नाथ तिवारी उर्फ गुड्डू बाबा ने कहा कि बधाई हो पूर्व मंत्री नारद राय को जिनके प्रयास से चितबड़ागांव को तहसील बनाने का रास्ता साफ हुआ।

करणी सेना के प्रमोद सिंह ने कहा कि रोजगार बढ़ेगा और जो लोग 40 किमी दूर बलिया तहसील जाते थे, तहसील बनने से लोगों को फायदा होगा।
अमित गुप्ता ने तहसील बनने के निर्णय को सराहा और इसके फायदे भी गिनाये।
व्यापारी सोनु गुप्ता ने कहा कि छोटे छोटे कामों को लेकर उन्हें बलिया तहसील जाना पड़ता था ऐसे में अपना दुकान भी बद करना पड़ता था, इससे फायदा होगा और पास में ही तहसील मिलेगा।
अशोक केशरी ने कहा कि पूर्व मंत्री नारद राय का प्रयास सराहनीय है। तहसील प्रक्रिया में और तेजी आनी चाहिए।
मनोज केशरी ने कहा कि चितबड़ागांव में ही तहसील बने ताकि चारों तरफ से लोगों को इसका लाभ मिले।
रामचंद्र ने कहा कि आजाद के बाद पहली बार इतना प्रयास अगर किसी ने किया तो वह पूर्व मंत्री नारद राय ने किया।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश केशरी पप्पू ने कहा कि वर्षो से चितबड़ागांव को तहसील बनाने की मांग चली आ रही है अब उम्मीद है कि प्रयास रंगा लाएगा।

डा. विनीत गुप्ता ने कहा कि तहसील मुख्यालय बनने से आम जन काफी खुश है और जितना जल्दी हो इस पर काम पूरा होना चाहिए।

पप्पू रावत ने कहा कि आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए बलिया तहसील जाना पडता है, यहां तहसील बनने से सारी समस्याओं का हल हो जाएगा।

मोतीचंद गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत सफल प्रयास है कि चितबडागांव में तहसील बनने जा रहा है।

डा. धर्मात्मानंद ने कहा कि चितबडागांव में जो कमी थी उस कमी को मुख्यमंत्री ने पूरा किया और स्थानीय नेताओं को बधाई देना चाहता हूं कि उनके प्रयास से तहसील बनाने की प्रक्रिया तेज हो रही है।
फेफना विधानसभा एक नजर में…
फेफना विधानसभा क्षेत्र की आबादी लगभग छह लाख है। साढ़े तीन लाख लाख मतदाता, लगभग 194 गांव, लगभग 375 मतदान केंद्र है। बात करें तो इस विधानसभा में दो टाउन एरिया चितबड़ागांव और रतसरकला, दो ब्लाक गड़वार व सोहांव है। बाजार, मंदिर, स्कूल कालेज, सीएचसी व पीएचसी सहित होटल, लाज आदि है। गाजीपुर व बिहार के बक्सर सीमा से सटा फेफना विधानसभा है।

