
हरेराम यादव,
मझौंवा (बलिया)। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर रविवार को प्रशासनिक सख्ती की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में लगी एक डंपर गाड़ी ओवरलोड मिट्टी लेकर बलिया-बैरिया मार्ग पर मजिस्ट्रेट की गाड़ी के आगे ही धूल उड़ाती बेखौफ दौड़ती रही। बताया जाता है कि हूटर बजाने के बावजूद चालक पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर से उड़ती मिट्टी के कारण सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आंखों में धूल पड़ने की वजह से लोगों में हादसे का शिकार होने का डर सतानें लगता है। हैरानी की बात यह रही कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भी वाहन की रफ्तार और ओवरलोडिंग पर तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखी।
स्थानीय लोगों में नागेन्द्र सिंह, उमेश यादव, हरेराम मिश्र, दशरथ मिश्र, उत्तम यादव का आरोप है कि नेशनल हाईवे-31 पर ओवरलोड मिट्टी ढोने का यह सिलसिला कोई नई बात नहीं है। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल से प्रदूषण बढ़ रहा है और हादसों का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर मजिस्ट्रेट की गाड़ी के आगे ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहेंगी तो आम आदमी की सुनवाई किससे होगी? प्रशासनिक सख्ती का दावा तब तक खोखला ही माना जाएगा, जब तक ओवरलोडिंग पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जांच कर ठोस कदम उठाते हैं या फिर यह भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

