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Ballia : ददरी मेले में भीड़ देख दुकानदारों के खिले चेहरे

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मेले का रास्ता चौड़ा, नहीं हुई फजीहत
रोशन जायसवाल,
बलिया।
ऐतिहासिक ददरी मेले के चौथे रविवार को मेलार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। कोई झूले पर तो कोई सर्कस में अपना समय बिताया। सबसे ज्यादा भीड़ झूले और चर्खी पर देखी गयी। गर्म वस्त्रों, सौंदर्य की दुकानों तथा खानपान की दुकानों पर भीड़ लगी रहीं। जादूगर, भूत बंगला, मौत का कुंआ, बच्चों का मनोरंजन, चर्खी और झूले आकर्षक का केंद्र रहा। खादी प्रदर्शिनियों मेें भी भीड़ लगी रहीं।

अधिकारी चलते रहे बंद गाड़ी से और मेलार्थी धूल से रहे परेशान
बलिया। मेला में रविवार के दिन सबसे ज्यादा लोग धूल से परेशान रहे। अधिकारी बंद गाड़ी से मेेले में चलते रहे और उनकी चलती गाड़ी का उड़ता धूल मेलार्थियों को परेशान करता रहा। यही नहीं मेला में कहीं पानी की भी व्यवस्था भी नहीं की गयी थी। लोग खरीदारी पानी पीने के लिये विवश थे।

जाम में फंसे रहे लोग
ददरी मेला का मुख्य द्वारों पर जाम की स्थिति बनी रही। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे और किसी तरह से निकलकर बाहर आये। हालांकि पुलिस के जवान जाम छुड़ाने का प्रयास करते रहे लेकिन जाम उसी तरह से लगा रहा। चौथे रविवार के दिन लोग अपने पूरे परिवार के साथ मेले मे देखे गये।

पौधों की नर्सरी में लोगों ने खरीदे पौधे
ऐतिहासिक ददरी मेला केवल एक मेला ही नहीं है। इसमें पर्यावरण संरक्षण का भी बेहतर संदेश देता है। मेला के एक छोर पर लगी पौधों की नर्सरी में लोगों ने खूब खरीदारी की। ददरी मेले के पौधशाला में इस वर्ष पौधे व फूलों की भरमार है। मेले के पौधशाला में इस वर्ष विभिन्न प्रकार के पौधे और फूलों की भरमार है। आम, अमरूद, केला व कटहल के पौधों की खूब बिक्री हुई। गांव से आने वाले हर व्यक्ति के हाथ में एक पौधा नजर आ रहा था। लोग इसकी खरीदारी कर अपने घर व खेतों में हर साल मेले से खरीदकर लगाते हैं। कुछ किसान बड़े पैमाने पर इसकी खरीदारी करते हैं।

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