
संसार रूपी भवसागर से पार होने का मार्ग केवल शिव भक्ति
बलिया। बाबा बालखंडी नाथ धाम दिउली में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का सोमवार को भव्य समापन हो गया। अंतिम दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संसार रूपी भवसागर से पार होने का मार्ग केवल शिव भक्ति है। जिस प्रकार जेब में रखा धन किसी भी यात्रा को सुगम बना देता है, उसी प्रकार हृदय में भगवान शिव का वास जीवन की यात्रा को सफल बनाते हुए मनुष्य को मुक्ति प्रदान करता है।

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान कार्तिकेय के श्रीशैलम पर्वत की यात्रा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि वन, पक्षियों और पशुओं के माध्यम से उन्हें सृष्टि के प्रत्येक कण में ईश्वर की उपस्थिति का बोध हुआ। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मानव जीवन ही ऐसा है, जो भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने की क्षमता रखता है। सोशल मीडिया पर भृगु ऋषि की जन्मभूमि को लेकर उठे सवालों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के चार जन्म होते हैं। साधना एवं तपस्या से प्राप्त सिद्घि भी एक जन्म के समान है।

इसी कारण भृगु ऋषि ने जिस भूमि पर तपस्या कर सिद्घि प्राप्त की, वह भूमि उनके लिए जन्मभूमि के समान मानी जाती है। इस आधार पर बलिया को भृगु ऋषि की जन्मभूमि बताया गया है। उन्होंने सात संख्या के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि सप्ताह के सात दिन, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सात दिनों तक गोवर्धन धारण करने तथा धार्मिक कथाओं के सात दिवसीय स्वरूप के पीछे आध्यात्मिक महत्व निहित है। उन्होंने कहा कि भगवान को पूर्ण समर्पण प्रिय है। सच्ची श्रद्घा से की गई पूजा को ईश्वर पूर्ण रूप से स्वीकार करते हैं।

शिव भक्ति से पार हो जायेंगे संसार रूपी भवसागर
बलिया। पंडित प्रदीप मिश्रा ने राजा दक्ष और नारद जी के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान का अपमान करने या उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास करने वालो को उसका परिणाम अवश्य भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जीवन की कठिनाईयों से भरे इस संसार में वही व्यक्ति सुरक्षित रहता है, जो भक्ति रूपी तैरना जानता है। जिस प्रकार तैराक जल में डूबता नहीं, उसी प्रकार शिव भक्त संसार रूपी भवसागर से पार हो जाता है। कथा के विश्राम से पूर्व उन्होंने चंचूला के पति बिन्दुक की मुक्ति, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य और उनके नामकरण का संक्षिप्त वर्णन किया। भगवान शिव की आरती के साथ अधिक मास शिव महापुराण कथा का विधिवत समापन हुआ। सात दिनों तक चली कथा में लाखों श्रद्घालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

2029 में पुन: शिव महापुराण कथा कराने की घोषणा
बलिया। कथा समापन के अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पंडित प्रदीप मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि अधिक मास वर्ष 2029 में एक बार फिर उनके श्रीमुख से शिव महापुराण कथा का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्री डा. संजय निषाद, मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, वाराणसी से पधारे जगद्गुरु 1008 सतुआ बाबा तथा जिला सहकारी बैंक उन्नाव के चेयरमैन अरुण सिंह का अभिनंदन किया। साथ ही कथा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्घालुओं के घर नि:शुल्क एक लोटा जल पहुंचाने की भी घोषणा की।

प्रदीप मिश्रा की विदाई पर भावुक हुए श्रद्धालु
बलिया। बाबा बालखंडी नाथ मंदिर दिउली में आयोजित शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन श्रद्घा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से शिव महापुराण की अमृत वर्षा सुनने पहुंचे हजारों श्रद्घालु उस समय भावुक हो उठे, जब कथा के समापन का क्षण निकट आया। इस दौरान हजारों श्रद्घालुओं की आंखें नम हो गईं।

भक्तों का कहना था कि पं़ प्रदीप मिश्रा की वाणी और शिव भक्ति से उन्हें जो आध्यात्मिक आनंद मिला, वह अविस्मरणीय है। अधिकतर श्रद्घालु चाहते थे कि वे कुछ और दिन दिउली में रुककर कथा का रसपान कराते रहें। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए श्रद्घालुओं ने पोस्टर, बैनर और विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया। कई पोस्टरों पर पं़ प्रदीप मिश्रा से कुछ और दिन रुकने की अपील लिखी गई थी। श्रद्धालुओं का यह प्रेम और लगाव चर्चा का विषय बना रहा। अंतिम दिन कथा स्थल पर भक्ति, उत्साह और भावुकता का अनूठा वातावरण देखने को मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच श्रद्घालुओं ने कथा के समापन पर पं़ प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्घा व्यक्त की।

परिवहन मंत्री ने व्यक्त किया सभी का आभार
बलिया। शिव महापुराण कथा के समापन पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सभी श्रद्घालुओं, संत-महात्माओं, कथा प्रेमियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि शिव महापुराण कथा के दौरान जिस प्रकार लाखों श्रद्घालुओं ने अनुशासन, श्रद्घा और भक्ति के साथ सहभागिता की, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। बाबा बालखंडी नाथ की पावन धरती पर आयोजित यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला साबित हुआ है। उन्होंने कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा, संत समाज, आयोजन को सफल बनाने में जुटे सभी स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंत्री ने कहा कि श्रद्घालुओं के सहयोग और भगवान शिव की कृपा से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रोडवेज एवं स्टेशनों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बलिया। शिव महापुराण कथा के समापन के बाद दूर-दराज से आये श्रद्धालुओं की भीड़ रोडवेज, रेलवे स्टेशन एवं प्राइवेट स्टैंडों की तरफ बढ़ने लगी। इससे जगह-जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। रोडवेज पर श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ थी कि बसें कम पड़ गई। वहीं, बांसडीह रोड, सहतवार, बलिया समेत कई रेलवे स्टेशनों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।

