
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता ने ददरी मेला-2025 के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार के आयोजन में प्रशासन ने शासनादेश और उपविधियों की खुली अवहेलना करते हुए तानाशाही रवैया अपनाया है। अध्यक्ष ने मंत्री दयाशंकर सिंह को पत्रक सौंपकर मामले से अवगत कराया और कार्यवाही की मांग की है। इसके अलावा मंडलायुक्त आज़मगढ़ परिक्षेत्र, प्रमुख सचिव नगर विकास, निदेशक नगर निकाय निदेशालय को भी पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है।
श्री गुप्ता ने बताया कि बलिया का ददरी मेला धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का मेला है, जिसका आयोजन प्रतिवर्ष नगर पालिका परिषद द्वारा किया जाता है। उपविधि की धारा 298 (जे)(ई) और शासनादेश संख्या 3142/गगग111-306 के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष ही मेला आयोजन का सर्वाेच्च अधिकारी यानी जनरल ऑफिसर इंचार्ज (जीओसी) होता है। सचिव/अधिशासी अधिकारी अध्यक्ष की सहायता करता है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने इन नियमों को दरकिनार कर जिलाधिकारी को मेला आयोजन का अध्यक्ष घोषित कर दिया है और नगर पालिका अध्यक्ष को केवल विशेष आमंत्रित सदस्य बना दिया है।
बिना जानकारी के ही प्रशासन ने गठित कर ली समितियां
नगर पालिका अध्यक्ष ने इसे शासनादेश का उल्लंघन, जनप्रतिनिधि की उपेक्षा और कुचक्र करार दिया। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर 2025 को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कर ददरी मेला-2025 के लिए अध्यक्ष को जनरल ऑफिसर इंचार्ज नियुक्त किया गया था और अन्य व्यवस्थाओं पर भी सहमति बनी थी। इसके बावजूद जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी ने बिना बोर्ड व अध्यक्ष को जानकारी दिए समितियां गठित कर लीं।
शासन से तत्काल हस्तक्षेप की नपा अध्यक्ष ने की मांग
बलिया। नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि यह कदम पूरी तरह लोकतांत्रिक व्यवस्था की अवहेलना और मनमानी को दर्शाता है। उन्होंने शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने और नगर पालिका परिषद के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।

