
बलिया। बिना बैनामा के ही जमीन नामांतरण के मामले में जिलाधिकारी ने सदर तहसीलदार कोर्ट की तत्कालीन पेशकार, तत्कालीन अहलमद, रजिस्ट्रार कानूनगो, संग्रह अनुसेवक और कम्प्यूटर आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने निलम्बित करने के साथ ही मुकदमा पंजीकृत कराने को कहा है। इस कार्रवाई के निर्देश से सरकारी महकमे में खलबली मची है।
बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बजहां निवासी नर्वदेश्वर तिवारी व कुछ अन्य लोगों ने सदर तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन को गलत तरीके से अक्षयवर तिवारी आदि नाम से कर देने की शिकायत की थी। इसकी जांच सहायक अभिलेख अधिकारी तथा नायब तहसीलदार भोला शंकर राय ने संयुक्त रुप से की।
एडीएम ने पूरी जांच रिपोर्ट तीन जनवरी को डीएम के समक्ष प्रस्तुत की। जांच में शिकायत सही मिलने पर डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने पांच जनवरी को कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया। उन्होंने लिखा है कि वाद पत्रावली ही न्यायालय में उपलब्ध नहीं है। नामान्तरण आदेश में बैनामा की तारीख अंकित नहीं है। हालांकि आरोपी अक्षयवर द्वारा बतायी गयी तिथि की जांच करायी गयी तो पता चला कि उक्त अवधि में उप निबंधक कार्यालय में उनके पिता के नाम से कोई पंजीकृत बैनामा नहीं है। ऐसे में तीनों आदेश निरस्त कर अभिलेख दुरुस्त करने को कहा।
डीएम ने तत्कालीन पेशकार तहसीलदार सदर कोर्ट कविता सिंह, संग्रह अनुसेवक (सम्बद्ध) संतोष कुमार को निलम्बित करने, रजिस्ट्रार कानूनगो सहदेव प्रसाद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने तथा आउटसोर्सिंग पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटर राकेश कुमार श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कराने की कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने नायब तहसीलदार को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इस सम्बंध में एडीएम अनिल कुमार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम की ओर से कार्रवाई का निर्देश जारी हुआ है। कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।

