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Ballia : कैसे लगे कोटेदारों के मकानों पर पीएम सूर्य घर योजना का सोलर

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रोशन जायसवाल,
बलिया।
कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री का सपना जब जिले में कुछ ऐसे भी कोटेदार है जिनके घर विद्युत कनेक्शन भी नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नेडा अधिकारी द्वारा गांवों में कोटेदारों के यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के लिये सर्वे हुआ था जिसमें लगभग 95 प्रतिशत कोटेदारों के यहां विद्युत कनेक्शन नहीं होने की शिकायत सामने आई है। मजे की बात यह है कि इसमें अधिकतर प्रधान भी शामिल है जिनके यहां विद्युत कनेक्शन नहीं पाया गया।


प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर पैनल लगाने के लिये जनवरी माह में सर्वे किया गया। जिसमें अधिकतर कोटेदारों के यहां विद्युत कनेक्शन नहीं मिला। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिये विद्युत कनेक्शन स्मार्ट मीटर अनिवार्य है। निराशाजनक स्थिति तब बनी जब सर्वे टीम के सदस्य कोटेदारों के सोलर पैनल लगाने पहुंचे जहां सर्वे टीम को कोटेदारों के यहां विद्युत कनेक्शन लगा हुआ नहीं मिला। जब इसकी शिकायत विद्युत मीटर विभाग नोडल अधिकारी के यहां किया गया तो वह पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने कहा कि मेरे उपर राजनीतिक दबाव है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि किसानों, व्यापारियों, मजदूरों, शिक्षक के घर पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे है लेकिन प्रधान व कोटेदारों के घरों पर स्मार्ट प्राथमिकता के आधार पर लगाना चाहिए, अगर बिजली विभाग यह कहता हो कि राजनीतिक दबाव है तो उर्जा मंत्री एके शर्मा क्यों नहीं एक्शन लेते है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घर-घर विद्युत कनेक्शन लगाने के निर्देश के बावजूद भी ऐसा नहीं होना सिस्टम की विफलता मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार स्मार्ट मीटर पहले राज्य कर्मचारियों के घर व सरकारी भवनों पर लगाने के लिये आया था लेकिन विद्युत विभाग के एई और जेई के इशारों पर उन्हीं जगहों पर स्मार्ट मीटर लगाया गया जहां पहले से इलेक्ट्रानिक मीटर लगे हुए थे। जबकि होना यह होना चाहिए कि जहां कनेक्शन नहीं लिये गए है वहां स्मार्ट मीटर लगाना चाहिए।

पीएम के सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है सूर्य घर योजना
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने 27 जून 2025 को एक आदेश जारी किया था कि भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उर्जा स्रोतों का दहन, उर्जा के साथ स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो सके। उक्त योजना आनलाइन आवेदन के लिये भारत सरकार द्वारा नेशनल पोर्टल पर आवेदन करना था। आदेश के अनुसार प्रत्येक खंड विकास अधिकारी के माध्यम से विकास खंड के समस्त ग्राम पंचायतों से दो जागरूक एवं समृद्ध व्यक्तियों द्वारा आवेदन कराते हुए संयत्र स्थापित कराया जाना तथा प्रत्येक कोटेदार अथवा अन्य किसी एक का आवेदन कराते हुए संयत्र स्थापित कराया जाना।

प्रत्येक ग्राम प्रधान एवं पंचायत सहायक को आवेदन कराते हुए इस योजना को आगे बढ़ाना था। लेकिन जब परियोजना अधिकारी यूपी नेडा बलिया ने डीएम के आदेश को गंभीरता से लेते हुए गांव के कोटेदारों व प्रधानों के यहां भेजा गया। जहां अधिकतर लोगों को नहीं मिला। जबकि डीएम ने इस योजना को सफल बनाने के लिये जिला विकास अधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी को नामित किया था।

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