
अजय तिवारी,
दोकटी (बलिया)। स्थानीय थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पांच वर्षीय मासूम बच्ची की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ विद्युत विभाग के प्रति ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस लोहे के विद्युत पोल में करंट उतरने से हादसा हुआ, उसकी शिकायत पिछले आठ से दस वर्षों से लगातार की जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार, भगवानपुर निवासी मिथिलेश साह की पांच वर्षीय पुत्री रोशनी गुरुवार सुबह करीब सात बजे गांव में स्थित लोहे के विद्युत पोल के संपर्क में आ गई। पोल में करंट प्रवाहित होने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन उसे तत्काल उच्च प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनबरसा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे इस खतरनाक विद्युत पोल को हटाने अथवा सुरक्षित कराने के लिए कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं। इसके अलावा ई-मेल, सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना-पत्र तथा मौखिक रूप से भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने जनपद में जर्जर एवं करंट प्रवाहित होने की आशंका वाले सभी विद्युत पोलों और विद्युत व्यवस्थाओं का तत्काल सर्वे कर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

