
बांसडीह (बलिया)। कोतवाली क्षेत्र के टोलापुर बाजार (सुल्तानपुर) से रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक विवाहिता को दहेज के लिए इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने मौत को गले लगा लिया। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब ससुरालियों ने कानूनी फंदे से बचने के लिए पुलिस या मायके वालों को सूचना दिए बिना ही शव को चुपचाप सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब सोमवार को मृतका रिंकू सिंह के ही मोबाइल से किसी अनजान व्यक्ति ने उसकी भाभी को फोन कर वारदात की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जब परिजन सुल्तानपुर पहुंचे, तो वहां न तो रिंकू मिली और न ही ससुराल पक्ष का कोई सदस्य। घर पर पसरे सन्नाटे और गायब मिले ससुरालियों के बाद परिजनों ने गांव में हंगामा किया जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।मनियर थाना क्षेत्र के टुकड़ा नं. 2 निवासी भाई गोविंदा सिंह ने बताया कि उन्होंने 10 वर्ष पूर्व अपनी बहन की शादी टोलापुर निवासी चंदन सिंह के साथ की थी।
आरोप है कि शादी के बाद से ही पति चंदन, ससुर विजय शंकर, सास कालपति और ननदें कम दहेज को लेकर रिंकू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इसी तंगहाली और प्रताड़ना से आजिज आकर रिंकू ने आत्महत्या कर ली।परिजनों का गंभीर आरोप है कि आरोपियों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को सुल्तानपुर के पास घाघरा (सरयू) नदी में फेंक दिया। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह ने गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब एनडीआरएफ की टीम को पत्र लिखकर शव की तलाश में सहयोग मांगा है।
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मामला बेहद संगीन है। आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। शव की बरामदगी प्राथमिकता है और इसके लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रवीण कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक, बांसडीह

