
यूपीपीसीएल की सुस्त कार्यशैली पर डीएम भड़के, तत्काल परियोजना शुरू करने के आदेश
आठ विभागों की परियोजनाएं अधूरी, डीएम ने कार्रवाई की दी चेतावनी
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा नई सड़कों के निर्माण कार्य की रैंकिंग ‘बी’ आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन विभागों की रैंकिंग बी और सी है, वे विशेष प्रयास कर अपनी रैंकिंग ‘ए’ श्रेणी में लाएं। साथ ही जिलाधिकारी ने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था जल निगम नगरीय को निर्देश दिया कि सभी लंबित परियोजनाओं का कार्य जुलाई माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
पर्यटन विभाग की दो लंबित परियोजनाओं पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उन्हें अगले माह तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वहीं कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल द्वारा परियोजना चालू नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि सभी परियोजनाओं को तत्काल शुरू कराया जाए। उत्तर प्रदेश राजकीय राजकीय निगम की दो लंबित परियोजना है और उत्तर प्रदेश जल निगम की दो परियोजनाएं लंबित है आवास विकास की परियोजनाएं एक लंबित है एवं बेसिक शिक्षा विभाग की एक परियोजनाएं लंबित है। जिलाधिकारी ने बताया कि अभी कुल आठ विभागों की परियोजनाएं अधूरी हैं। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक न लिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। समीक्षा में पाया गया कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा 38 शिकायतकर्ताओं, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग द्वारा 60 शिकायतकर्ताओं तथा जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा 301 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया गया। इसके अलावा जिला पंचायत राज विभाग के चार, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के 11 तथा सीएमएस के दो शिकायतकर्ताओं से भी फीडबैक नहीं लिया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी शिकायतकर्ताओं से तत्काल फीडबैक लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड की जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ता के साथ फोटो लेकर उसे आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण आख्या के साथ अपलोड करने को कहा।
उन्होंने कहा कि आइजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड करने से पहले शिकायतकर्ता से फीडबैक लेकर 12 कालम में भरकर फोटो के साथ निस्तारण आख्या अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 75 प्रतिशत से कम फीडबैक प्राप्त हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण और फीडबैक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

