
बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित निरीक्षण की खबर मिलते ही जिला अस्पताल प्रशासन अचानक अलर्ट मोड में आ गया है। अस्पताल में जिन व्यवस्थाओं की अनदेखी लंबे समय से हो रही थी, उन्हें अब तेजी से दुरुस्त किया जा रहा है।
अस्पताल परिसर में रंगाई-पुताई, बेड की मरम्मत, पंखा, कूलर और एसी ठीक कराने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। स्थिति यह कि जो सुविधाएं महीनों से खराब पड़ी थीं, वह अब कुछ ही दिनों में दुरुस्त होती नजर आ रही हैं।
इससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर मरीजों की सुविधा के लिए पहले ये कदम क्यों नहीं उठाए गए। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से व्यवस्था पर ध्यान देता तो ऐसी स्थिति ही नहीं आती। अब मुख्यमंत्री के निरीक्षण की आहट मिलते ही अचानक सुधार कार्य शुरू होना सिर्फ दिखावे जैसा लग रहा है।
लोगों का कहना है कि काश नेताओं का रोज निरीक्षण होता तो अस्पताल की हालत हमेशा बेहतर रहती। पहले जहां समस्याएं थीं, अब अचानक सब कुछ ठीक किया जा रहा है। मरीजों को हमेशा ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, न कि सिर्फ बड़े अधिकारियों के आने पर। निरीक्षण के बाद फिर से व्यवस्थाएं खराब हो जाती हैं। इसका स्थायी समाधान जरूरी है। इस संबंध में सीएमएस डा. एसके यादव ने बताया कि दीवार का रंग छूटने लगा था, जिसको लेकर रंगाई-पोताई कराया जा रहा है।

