
बलिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के शिवपुर दियर नंबरी (पाण्डेयडेरा) गांव में शुक्रवार की रात करीब दस बजे अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग की चपेट में आकर 10 लोगों की रिहायशी झोपड़ियां, नगदी, गहने, अनाज और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गए। इस हादसे में 13 वर्षीय किशोरी भी झुलस गई, जिसे उपचार के बाद खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रात में खाना खाने के बाद परिवार के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी जोगिंदर गोंड की झोपड़ी से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। परिजन शोर मचाते हुए किसी तरह बाहर निकले। इसी दौरान झोपड़ी में रखे दो रसोई गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की झोपड़ियों व फसलों तक फैल गई।
देखते ही देखते रामायण गोंड, वीरेंद्र गोंड, भरत गोंड, संतोष गोंड, वकील पासवान, पुष्पा देवी और दंगल पासवान समेत कई लोगों की झोपड़ियां आग की चपेट में आ गईं। जोगिंदर गोंड की 13 वर्षीय पुत्री अंबिका झोपड़ी में सो रही थी, जो आग में झुलस गई। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
पीड़ित जोगिंदर गोंड ने बताया कि बेटी की शादी के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये के गहने इकट्ठा कर रखे थे, जो आग में जल गए। वहीं वकील पासवान की झोपड़ी में बंधी बकरी भी जलकर मर गई। सभी पीड़ितों का कहना है कि घर में रखा कपड़ा, बर्तन, चारपाई, नगदी और जमीन की रजिस्ट्री के कागजात तक जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने समरसेबल के जरिए पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। घटना की सूचना पर शिवपुर दियर पुलिस चौकी प्रभारी शिवचंद यादव मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुटे रहे।

