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Ballia : कटहल नाले का पुल बना सियासी अखाड़ा, मंत्री-विधायक आमने-सामने

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बलिया। कटहल नाले पर बने नए पुल को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बसपा विधायक उमाशंकर सिंह अब खुलेआम एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। शनिवार को मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि मैं दयाशंकर सिंह हूं, डरने वाला नहीं हूं। गीदड़ भभकी मत दो।
मंत्री ने चुनौती दी कि अगर आपके पास साक्ष्य हैं, तो विधानसभा सत्र में बलिया और प्रदेश की जनता के सामने पेश करें। धमकी देना बंद करें और जो भी प्रमाण हैं, सबके सामने रखें।
दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि मुद्दा पुल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि सूचना न देने का था। उन्होंने बताया अधिकारियों ने कहा था कि पुल का काम पूरा नहीं हुआ है, हैंडओवर भी नहीं हुआ और ऊपर से तार लटके थे। उस समय कोई एनएचआई अधिकारी मौजूद नहीं था। अगर हादसा हो जाता, तो जिम्मेदार कौन होता।
उन्होंने सवाल उठाया कि 5 अगस्त को ठेकेदार को काम पूरा होने का प्रमाण पत्र मिला भी था या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

विवाद की जड़
यह विवाद 5 जुलाई को शुरू हुआ था, जब एनएच-31 पर पुराने पुल के पास बने नए पुल को पीडब्ल्यूडी ने देर रात बिना औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया। मंत्री ने तब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर को फटकार लगाई थी और आरोप लगाया था कि अधिकारी किसी बड़े नेता के यहां दरबार लगाते हैं।

बसपा विधायक ने भी किया था पलटवार
वहीं, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए मंत्री को चेताया था कि अगर हम भी आरोप और कारनामे उजागर करने लगे, तो उन्हें छिपने की जगह नहीं मिलेगी। इसी बयान पर मंत्री ने अब दोबारा पलटवार किया है।

अब नजरें आगे की चाल पर
कटहल नाले का पुल महज़ एक निर्माण परियोजना न रहकर सियासी जंग का मैदान बन चुका है। अगला बयान किसका और कितना तीखा होगा, अब इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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