32 कंपनियों के रोजगार मेले में 1400 अभ्यर्थी पहुंचे, 790 को मिला ऑफर लेटर
चितबड़ागांव। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अधीन फेफना विधानसभा क्षेत्र के महरेंव स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक अनुसंधान एवं आरोग्य केंद्र परिसर में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। स्वदेशी जागरण मंच के बैनर तले आयोजित मेले में 32 निजी कंपनियों ने प्रतिभाग किया। करीब 1400 अभ्यर्थियों ने रोजगार के लिए हिस्सा लिया, जबकि चयन प्रक्रिया के बाद 790 अभ्यर्थियों को कंपनियों की ओर से ऑफर लेटर प्रदान किए गए।

कारागार मंत्री दारा सिंह ने कहा…
मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित था। युवाओं को रोजगार से जोड़ना इसी भावना को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले युवाओं और कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में उपयोगी हैं। युवाओं को कौशल विकास के साथ उपलब्ध रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का संबोधन
पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने स्वदेशी आंदोलन और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ केवल देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करना नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादन, स्थानीय उद्यम और स्थानीय रोजगार को मजबूत करना भी है। स्वदेशी आंदोलन ने देश में आर्थिक आत्मनिर्भरता और अपने संसाधनों पर भरोसे की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भी गांव, गरीब, किसान, श्रमिक और छोटे उद्यमी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा पर आधारित था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार को कौशल तथा उद्यमिता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। युवाओं की प्रतिभा को अवसर मिलने पर वे परिवार के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।

सरकारी योजनाओं से रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की रोजगारपरक पहलों का भी उल्लेख किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार का रोजगार संगम पोर्टल निजी क्षेत्र की नौकरियों, रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट और अप्रेंटिसशिप सहित रोजगार के विभिन्न अवसरों को एक मंच पर उपलब्ध कराता है। प्रदेश में चल रहे मिशन रोजगार का उद्देश्य रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और रोजगार उपलब्ध कराने वाले संस्थानों के बीच संपर्क को मजबूत करना है।
वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी पहल पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय कामगारों को सहयोग देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 17 सितंबर 2026 को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत मार्जिन मनी ऋण पोर्टल तथा ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026’ का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेंद्र कुमार शुक्ला, पूर्व कुलपति प्रो. संजीव कुमार गुप्ता, प्रो. धर्मात्मानंद गुप्ता, हिंदुस्तान अकादमी प्रयागराज के पूर्व अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, दक्षिण बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएन सिंह, मोतीचंद गुप्ता, महरेंव के प्रधान दिग्विजय सिंह और जनार्दन राय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रोजगार मेले के सफल आयोजन में जिला सेवायोजन अधिकारी विवेकानंद सिंह, सहायक सेवायोजन अधिकारी विकास कुमार सहित सेवायोजन कार्यालय के कर्मचारियों का सहयोग रहा।
