
बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने सोमवार को नाबालिग बेटी से दुष्कर्म में पिता को दोषी करार दिया। अदालत ने पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना राशि न अदा करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जुर्माने के 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अदालत की मामले की लगातार सुनवाई की और 46 दिन में ही आदेश सुना दिया।
सुखपुरा थाना क्षेत्र एक गांव की 15 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि 11 अप्रैल 2026 की रात पिता ने दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी चाची को दी और चाची के साथ ही थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सुखपुरा पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी। विवेचना के दौरान ही आरोपी पिता को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।
अभियोजन के मुताबिक 18 जून 2026 को आरोप तय किए गए। 2 जुलाई से साक्ष्य की कार्रवाई प्रारंभ हुई। अभियोजन की तरफ से चार गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों को परखने के बाद अदालत ने पिता को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

