
अयोध्या। एसआईटी की जांच की आंच ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों तक पहुंची है। दूसरी तरफ आपराधिक कृत्य में गणनाकर्मी समेत करीब तीस लोगों की भूमिका सामने आई है। किस पर क्या और किस तरह की कार्रवाई की जानी है, अब इसको लेकर चर्चा जारी है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब कार्रवाई को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक मंथन जारी है। एसआईटी की जांच की आंच ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों तक पहुंची है। दूसरी तरफ आपराधिक कृत्य में गणनाकर्मी समेत करीब तीस लोगों की भूमिका सामने आई है। किस पर क्या और किस तरह की कार्रवाई की जानी है, अब इसको लेकर चर्चा जारी है। इसमें पीएमओ के निर्देशों का इंतजार है। जिस तरह के निर्देश वहां से मिलेंगे, उसी तरह का एक्शन होगा।
एसआईटी ने प्रारंभिक जांच रविवार शाम को पूरी कर ली थी। रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक मामले में ट्रस्ट के कई पदाधिकारी भी फंस रहे हैं। वहीं टिन्नू यादव समेत रकम पार करने वाले गणनाकर्मियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। इसलिए मामले में एफआईआर भी दर्ज होनी है। साथ ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। मालूम हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। इसलिए मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कार्रवाई और पुनर्गठन में केंद्र सरकार की भूमिका रहेगी। यही वजह है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चर्चा जारी है। सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

