
बलिया। सोशल मीडिया के माध्यम से दबंगई, भय और आतंक का माहौल बनाने वाले गैंगों के खिलाफ बलिया पुलिस ने ऑपरेशन वज्रपात के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पांच दिवसीय विशेष अभियान में जिले के 25 गैंगों को चिह्नित करते हुए उनके 263 सदस्यों की पहचान की गई है। पुलिस ने अब तक 15 अभियोग दर्ज कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी और सत्यापन की कार्रवाई जारी है।
अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया के निर्देश पर 3 जून से 9 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के तहत ऐसे गैंगों को निशाने पर लिया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर हथियारों का प्रदर्शन, आपराधिक गतिविधियों का महिमामंडन तथा आम लोगों में भय पैदा करने का प्रयास कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान महाकाल गैंग, फरसा गैंग, 221715 गैंग, राइडर गैंग समेत विभिन्न नामों से सक्रिय गिरोहों की पहचान की गई। इन गैंगों पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, मारपीट, धमकी, अवैध शस्त्र रखने और सार्वजनिक स्थलों पर दहशत फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार बीट पुलिसकर्मियों, थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों की संयुक्त टीमों ने सोशल मीडिया ग्रुप, पेज और गैंगों का व्यापक सत्यापन किया। अभियान के दौरान चिन्हित 25 गैंगों के विरुद्ध विभिन्न थानों में 15 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। साथ ही कई गैंग लीडरों और उनके सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
अभियान के दौरान पकड़े गए 16 आरोपी
अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए 16 आरोपियों में आयुष राय उर्फ नारियल, गुड्डू उर्फ करिया नट, पवन कुमार खरवार समेत कई नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बलिया पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों का प्रदर्शन कर रहा हो, भय का वातावरण बना रहा हो या युवाओं को आपराधिक गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

