
बलिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के दायरे में आए बलिया जिले के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू गुरुवार को गैंगस्टर कोर्ट में हाजिर हो गया। इसकी पुष्टि उसकी पत्नी महिमा सिंह ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को मामले में फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ज्ञानेंद्र सिंह पर चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में प्रयुक्त कार खरीदने और आरोपी नवीन सिंह को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। मामले की जांच कर रही सीबीआई के निर्देश पर यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच वह पूर्व से चल रहे एक गैंगस्टर मामले में अदालत में हाजिर हो गया, जिससे जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
कोर्ट में पेश होने से करीब एक घंटे पहले ज्ञानेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उसने आरोप लगाया कि गांव के एक व्यक्ति द्वारा साजिश के तहत उसे इस प्रकरण में फंसाया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में उसकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
असलहा बरामदगी के बाद बढ़ी थी जांच की रफ्तार
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम के निर्देश पर यूपी एसटीएफ और फेफना पुलिस ने थम्हनपुरा गांव निवासी नवीन सिंह के कब्जे से पांच अवैध असलहे और 45 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में नवीन ने ज्ञानेंद्र सिंह मोनू और भीखपुर निवासी गोलू सिंह पर हथियार उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मोनू, गोलू सिंह तथा कार खरीद से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ज्ञानेंद्र सिंह मोनू के खिलाफ बांसडीह रोड समेत उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2022 में जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
सुरक्षा की मांग, सोशल मीडिया वीडियो भी हुआ था वायरल
पीए हत्याकांड में मोनू का नाम सामने आने के बाद जमीन विवाद के एक मामले से जुड़े मुकेश सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
वहीं, राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ज्ञानेंद्र सिंह मोनू भूमिगत हो गया था। नवीन सिंह के पास हथियार बरामद होने और उसका नाम सामने आने के कुछ दिनों बाद मोनू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उसने दावा किया था कि एक विपक्षी व्यक्ति उसे कोलकाता ले गया था और उसी ने कार खरीदवाई थी। साथ ही आरोप लगाया था कि उसे साजिशन चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

