
बलिया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी समारोह श्रृंखला के तहत बलिया में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में जन्मशताब्दी समारोह आयोजन समिति के राष्ट्रीय संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने देशभर में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर जी के जन्मशताब्दी वर्ष में देश के विभिन्न हिस्सों में 100 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 7 जून को भिंड, 21 जून को शिमला, 25 और 26 जून को दिल्ली एवं ग्वालियर, 5 और 8 जुलाई को पुणे, वाराणसी तथा भुवनेश्वर, 9, 10 और 12 जुलाई को कोलकाता और पटना तथा 9 अगस्त को मुंबई में सेमिनार, संगोष्ठियां और पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि ये कार्यक्रम चंद्रशेखर जी के संघर्षपूर्ण जीवन, उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत आत्मबल को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि बलिया की मिट्टी और यहां की चेतना देश के अन्य हिस्सों से अलग और अधिक ऊर्जावान है। यही कारण है कि इस धरती ने मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय, जयप्रकाश नारायण, गौरीशंकर राय और चंद्रशेखर जैसी विभूतियों को जन्म दिया, जिन्होंने देश की राजनीति और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी के आदर्शों और मूल्यों को आम नागरिक तक पहुंचाना ही जन्मशताब्दी समारोह का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और चंद्रशेखर जी के साथ काम कर चुके लोग मौजूद रहे।

