
केन्या और इथियोपिया से आए दर्जन भर धावकों ने कराया पंजीकरण
बलिया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की स्मृति में आयोजित होने वाले सातवें चंद्रशेखर हाफ मैराथन के लिए बड़ी संख्या में विदेशी धावक पहुंच गए हैं। रविवार को होने वाली इस दौड़ में भाग लेने के लिए केन्या और इथियोपिया से आए दर्जन भर धावकों ने शनिवार को अपना पंजीकरण कराया।
राष्ट्रनायक चंद्रशेखर मैराथन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सद्भावना दौड़ को लेकर इस बार विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समिति के सचिव उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक विदेशी धावक प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में ऑफलाइन पंजीकरण कराने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ स्थानीय खिलाड़ी भी पहुंचे। पंजीकरण के बाद केन्याई धावकों किबिछी विजली और केपहर लूम्बसी ने मीडिया से बातचीत में बलिया आकर ऊर्जावान महसूस करने की बात कही।
मैराथन समिति के सदस्यों ने बलिया रेलवे स्टेशन पर इन धावकों का स्वागत किया। अब तक केन्या से लगभग एक दर्जन खिलाड़ी शहर पहुंच चुके हैं। विदेशी खिलाड़ियों के अलावा, देश के अन्य राज्यों से भी धावकों ने पंजीकरण कराया है। मैराथन समिति ने विदेशी धावकों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा से आए खिलाड़ियों के लिए शहर के विभिन्न होटलों में ठहरने की व्यवस्था की है। सचिव उपेंद्र सिंह के अनुसार, लगभग दो दर्जन देशी-विदेशी धावक आ चुके हैं, जबकि कुल 763 धावकों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
आज सुबह छह बजे से शुरू होगी दौड़
ऑफलाइन पंजीकरण के लिए वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुबह आठ बजे से अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में छह काउंटर बनाए गए थे। दौड़ का शुभारंभ रविवार सुबह छह बजे शारदा पेट्रोल पंप पटपर (पचखोरा) से होगा, जहां जिले के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य लोग हरी झंडी दिखाएंगे। धावकों के लिए पूरे मैराथन पथ पर जगह-जगह रिफ्रेशमेंट बूथ बनाए गए हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में संतोष सिंह, अमल कुंवर, पंकज राय, रुस्तम अली, प्रदीप यादव, उमेश सिंह, बालेश्वर वर्मा, आशुतोष बहादुर, अमरिंदर सिंह, अखिलेश सिंह, संतोष तिवारी, संतोष चौबे, धर्मवीर सिंह, मनोज शर्मा, सुधीर सिंह, धीरेंद्र राय, अजीत सिंह, पंकज सिंह, ज्ञानेंद्र यादव, नवीन सिंह, शैलेंद्र यादव और महेंद्र गौतम सहित सैकड़ों लोग सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

