
बलिया। राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को अग्निशमन केंद्र बलिया में कार्यक्रम आयोजित कर वर्ष 1944 में मुंबई में शहीद हुए 66 अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं जवानों ने उनके बलिदान को नमन किया और जनजागरूकता के लिए रैली भी निकाली गई।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला, क्षेत्राधिकारी लाइन अक्षय कुमार, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी संजय कुमार, अमित यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहीद अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहस और समर्पण को याद किया।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एनसीसी तिराहा, मिढ्ढी चौराहा, टीडी कॉलेज चौराहा, रोडवेज, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, चौक, काशिम बाजार, जिला चिकित्सालय होते हुए विभिन्न स्थानों पर पहुंची, जहां लोगों को आग से बचाव और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।

66 अग्निशमन कर्मियों ने अपने प्राणों की दी थी आहुति
अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर फोर्ट स्टीकेन नामक मालवाहक जहाज में लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान 66 अग्निशमन कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनकी स्मृति में हर वर्ष 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस और 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है।
जिले में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मॉक ड्रिल कर लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय सिखाए जाएंगे। साथ ही भवनों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच भी की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि आग से बचाव के लिए सतर्कता बरतें, ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग में सावधानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 101 या 112 नंबर पर सूचना दें।

