
बलिया। मऊ के घोसी विधानसभा से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कई विभागों के मंत्री रह चुके हरिनारायण राजभर का रविवार सुबह निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। उन्होंने लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
परिजनों के अनुसार शनिवार देर रात मऊ स्थित आवास पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आनन-फानन में उन्हें लखनऊ के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह उनका निधन हो गया।
हरिनारायण राजभर पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में दो बार विधायक, एक बार सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर मंत्री रहे। वे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और रामप्रकाश गुप्ता के करीबी माने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे पूर्वांचल की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
राजनीतिक सफर पर एक नजर
हरिनारायण राजभर का जन्म 1 जनवरी 1950 को बलिया जिले के बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र के टंगनिया गांव में हुआ था।
1991 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए
1991-92 और 1996-2002 तक दो कार्यकाल विधायक रहे
1997 से 2002 तक कारागार, लघु सिंचाई और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रहे
2014 में घोसी लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए
संसद की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन संबंधी स्थायी समिति के सदस्य रहे
उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए कई प्रयास किए, जिससे वे जनता के बीच लोकप्रिय रहे।
सपा के वरिष्ठ नेताओं ने व्यक्त की शोक संवेदना
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं घोसी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के आकस्मिक निधन पर समाजवादी पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
शोक व्यक्त करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने कहा कि हरिनारायण राजभर जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। स्पष्टता उनका गुण था और समाजसेवा उनकी आदत थी। राजनीति में हम लोगों ने कुछ समय एक साथ भी काम किया। उनके व्यक्तित्व में बनावटीपन बिल्कुल नहीं था। सांसद सनातन पाण्डेय ने अपने शोक संदेश में कहा कि हरिनारायण राजभर आम जनमानस की बात करने वाले नेता थे। वे गरीबों और कमजोरों की आवाज थे। समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष/प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी ने कहा कि स्व. हरिनारायण राजभर जी कुछ समय समाजवादी पार्टी में रहे। उस दौरान उनके साथ काम करने का अवसर मिला। वे कार्यकर्ताओं को सर्वाेपरि मानते थे और किसी भी विषय पर स्पष्टता से बोलने का साहस रखते थे।

