
बलिया। खाड़ी देशों में युद्ध के चलते कोलतार की कीमतों में भारी उछाल आ गया है, जिसका सीधा असर जनपद में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर पड़ा है। कोलतार के दाम लगभग दोगुने हो जाने से ठेकेदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात यह हैं कि जिले में करीब एक अरब रुपये के निर्माण कार्य प्रभावित हो गए हैं, जबकि 10 में से 8 प्लांट बंद हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, फरवरी तक कोलतार की कीमत करीब 35 हजार रुपये प्रति टन थी, जो अब दोगुनी हो गई है। बढ़ती लागत के कारण ठेकेदारों ने कोलतार मंगाना कम कर दिया है, जिससे शंकरपुर में निर्माणाधीन सड़क समेत 13 स्थानों पर कार्य ठप हो गया है।
जिले में कोलतार की आपूर्ति मुख्य रूप से मथुरा रिफाइनरी से होती है। ठेकेदारों का कहना है कि पुराने बांड (अनुबंध) की शर्तों पर काम करना अब मुश्किल हो गया है। ठेकेदार अमितेश सिंह ‘पिंकू’ के अनुसार, कीमतों में उछाल से काम करना घाटे का सौदा बन गया है और इसको लेकर विभागीय अधिकारियों से लगातार वार्ता चल रही है।
ठेकेदार संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि कोलतार महंगा होने से एक अरब रुपये से अधिक के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर केवल गिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है, जबकि गिट्टी के दाम में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई है। हनुमानगंज-शंकरपुर मार्ग पर पीचिंग का कार्य अग्रिम भुगतान के बावजूद ठप पड़ा है।
कोलतार की कमी के बावजूद कराया जा रहा कार्य
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता कमलाकांत ने बताया कि कोलतार की कमी के बावजूद कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि कीमतों में उछाल से ठेकेदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

