
बलिया। जनपद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का ले-आउट जल्द फाइनल होने की उम्मीद है। अप्रैल माह में शिलान्यास की तैयारी भी तेज हो गई है। बनने वाले मेडिकल कॉलेज में 200 बेड की व्यवस्था होगी, जिसमें 20 आईसीयू बेड शामिल रहेंगे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में मुख्य गेट से सीएमओ कार्यालय के बीच स्थित पुरानी ओपीडी भवनों को तोड़कर 10 मंजिला मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के निर्माण और अगली व्यवस्था लागू होने तक जिला अस्पताल का संचालन पूर्व की भांति जारी रहेगा।
शासनादेश जारी होने के बाद वर्तमान में संचालित फिजिशियन, बाल रोग व हड्डी रोग ओपीडी तथा आरटी-पीसीआर लैब को दूसरे परिसर स्थित एनेक्सी भवन में शिफ्ट किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर हड्डी रोग ओपीडी, जबकि प्रथम तल पर फिजिशियन और बाल रोग ओपीडी संचालित होंगे, जहां एक साथ दो से तीन डॉक्टर मरीजों को देख सकेंगे। आरटी-पीसीआर लैब की मशीनें भी प्रथम तल पर पूर्व पैथोलॉजी कक्ष में स्थापित की जाएंगी।
इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक व पोस्टमार्टम सेवाएं यथावत संचालित होती रहेंगी। वहीं सीएमओ कार्यालय को डब्ल्यूएचओ भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मेडिकल कॉलेज निर्माण से संबंधित सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्राचार्य धनंजय सिंह ने हाल ही में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान आजमगढ़ पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और लखनऊ के आर्किटेक्ट भी मौजूद रहे।
दो अंडरग्राउंड पार्किंग और शीर्ष मंजिल पर सभागार
प्राचार्य धनंजय सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का मुख्य भवन 10 मंजिला होगा। इसमें पार्किंग के लिए दो अंडरग्राउंड फ्लोर बनाए जाएंगे, जबकि इमरजेंसी के पास सरफेस पार्किंग की सुविधा भी रहेगी। भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर आधुनिक सभागार (ऑडिटोरियम) बनाया जाएगा।

