
बलिया। हजारों वर्षों से सनातन परंपरा एवं आध्यात्मिक साधना का केंद्र रहे सिद्धपीठ हथियाराम मठ में आगामी मई माह में भव्य एवं दिव्य आयोजन होने जा रहा है। इस पावन अवसर पर नौ दिवसीय हरि-हरात्मक महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मठ की परंपरा लगभग 1000 वर्ष प्राचीन मानी जाती है। मान्यता है कि इसकी आधारशिला उस दिव्य प्रसंग से जुड़ी है, जब माँ गंगा ने स्वयं एक कटोरा यहां के महंत को प्रदान किया था। तभी से यह परंपरा अखंड रूप से चली आ रही है।
वर्तमान में इस गौरवशाली परंपरा का निर्वहन अनंत विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी आत्म प्रकाश यति जी महाराज कर रहे हैं। इससे पूर्व स्वामी बालकृष्ण यति जी महाराज एवं स्वामी विश्वनाथ यति जी महाराज के मार्गदर्शन में यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही। आगामी समय में इस परंपरा को आगे बढ़ाने का दायित्व स्वामी सत्य प्रकाश यती जी संभालेंगे।
महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए बीते तीन दिनों से लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। आयोजन समिति द्वारा स्थानीय ग्राम प्रधानों, सम्मानित नागरिकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी को जिम्मेदारियां सौंपते हुए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया गया।
मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं
कलश यात्रा 02 मई, यज्ञ पूर्णाहुति 10 मई, भंडारा 11 मई और
प्रतिदिन सायं 6 बजे से 10 बजे तक श्रीराम कथा एवं सत्संग का आयोजन किया गया है। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर आनंद चैतन्य जी महाराज, महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद जी महाराज एवं महिला महामंडलेश्वर योगेश्वरी जी महाराज के मुखारविंद से प्रवचन श्रवण का अवसर भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
कोर कमेटी में ये है शामिल
कोर कमेटी में राजेश गोयल (दिल्ली), गुड्डू राव (उजियार), सत्येंद्र सिंह (मुखिया, राजपुर), नरेंद्र तिवारी (भलुआ), उमेश राय (उजियार), राधेश्याम राय (अवथहीं), कांता प्रसाद, पवन राय, मंटू जी, तारकेश्वर राय, गुड्डू राय, नाटा मुखिया, गोरख राय, रविंद्र जी, अनिल जी (पिंटू), बंगाली राय, मुन्ना मिश्रा, बंशीधर राय, ओमकार जी, दल्लू राय, लाल बहादुर, हरेंद्र राय, रामाशीष राय, गंगोत्री प्रसाद राय, मुन्ना पांडे, मुन्ना सिंह एवं नंद जी समेत अन्य लोग शामिल हैं, जो सामूहिक नेतृत्व में पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।

