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Ballia : किसी भोंडसी आश्रम से कम नहीं है देवस्थली का चंद्रशेखर संग्रहालय

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रोशन जायसवाल,
बलिया।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से जुड़ी चीजों को यदि आप देखना चाहते है तो देवस्थली विद्यापीठ चंद्रशेखर संग्रहालय में देख सकते है। यहां भोंडसी आश्रम गुड़गांव से पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन से जुड़ी चीजों यहां लाया गया है जिसमें बेड, चारपाई, सोफा, उनकी किताबें, वस्त्र, कुर्सी, कुलर आदि सामान शामिल है। सबसे मजे की बात यह है कि संग्राहालय परिसर में आपको वो कार मिलेगी जिस कार से वह प्रधानमंत्री की शपथ लेने पहुंचे थे।

संग्रहालय को देवस्थली विद्यापीठ ने बहुत ही लगन के साथ सजाया व संवारा है। इस संग्रहालय में लगभग एक हजार से ज्यादा उनके जीवन से जुड़ी तस्वीरें भी देखने को मिल रही है। सांसद से लेकर प्रधानमंत्री तक के समय में सम्मान में पाए गये सभी चीजों वहां पर देखने को मिलेगी। संग्रहालय में 18 जनवरी 1991 में जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह हल कर्नाटक के किसानों ने सौंपा था वो भी संग्रहालय में मौजूद है। स्कूल परिवार से मिली जानकारी के अनुसार ये चीजें भोंडसी आश्रम से मंगवाई गई है।

कालेज परिसर में लगी है चंद्रशेखर की आदमकद प्रतिमा
देवस्थली विद्यापीठ में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की आदमकद प्रतिमा स्थापित है जिसका लोकार्पण भारत के थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने 22 अप्रैल 2012 को किया था।

1977 से 1988 तक जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर
1990 व 91 में भारत के एक प्रमुख समाजवादी राजनेता पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर थे। जो 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से एक अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया और अपनी पदयात्रा के लिये वे जाने जाते है। उन्होंने समाज की समस्याओं को समझने के लिये कन्याकुमार से लेकर दिल्ली तक पदयात्रा की थी।

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