
बलिया। पिछले दिनों मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई थी। इसमें सीआरओ त्रिभुवन ने निर्देश दिया था कि कहां से कहां तक बाईपास का निर्माण होगा उसकी गाटा संख्या राजस्व कर्मियों के साथ देख लें। इसमें जितना जल्द हो इस पर आप लोग लग जाएं। बतातें चलें कि सर्वे के अनुसार 105 करोड़ रूपये जमीन की खरीदारी के लिये अनुमानित लागत बताई गई है जिसमें 48 करोड़ रूपये सरकार जारी कर दिया है।
एनएच-31 से वैना-बांसडीह रोड बाईपास के सीमांकन का कार्य पूरा हो गया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि बाईपास का निर्माण का जल्द ही शुरू होगा। बाईपास पहले चरण में वैना से बांसडीह रोड तक बनाया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 360 करोड़ रुपये है। दूसरे फेज में इस बाईपास का विस्तार सेरिया और दवनी से होते हुए हल्दी तक किया जाएगा, जिससे शहर के बाहर-बाहर ही बड़े वाहन एनएच-31 होते हुए बिहार चले जाएंगे। इससे शहर में जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।
बाईपास की लंबाई 10.50 किलोमीटर होगी। यह प्रदेश का पहला बाईपास है, जिसे जमीन खरीद कर तैयार किया जा रहा है। फोरलेन बाईपास वैना से मिड्ढा, कुम्हैला, धरहरा, सुरहा ताल के किनारे से फुलवरिया होते हुए बांसडीह रोड तक जाएगा। इस क्षेत्र में बाईपास के लिए भूमि का सीमांकन का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। छड़ के साथ ही लाल झंडी लगा दी गई है। बाईपास फोरलेन 30 मीटर चौड़ा होगा। यह जिले के लिए वरदान साबित होगा। इसमें वैना रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाई ओवर भी बनाया जाएगा। धरहरा के पास बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर चौराहे का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसानी से दोनों तरफ के वाहन बिना किसी बाधा के निकल सके। इस बाईपास के निर्माण से ना केवल शहर की जाम की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि जिले के विकास को भी नई गति मिलेगी। सुरहाताल के महत्व भी बढ़ जाएगा।

