
भरौली गोलंबर पर बनेगी पुलिस चौकी, डीएम का निर्देश
ग्रामीणों की मांग पर अंडरग्राउंड रास्ते की व्यवस्था के आदेश
बलिया। ग्रीनफील्ड परियोजना एवं राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-27बी (बेल्थरारोड) से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीनफील्ड एनएच-31 के 19 बिंदुओं पर चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की स्थिति की जानकारी ली और यह भी पूछा कि कितनी भूमि निर्विवाद है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि एसडीएम बैरिया और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कमेटी बनाकर मौके पर जाएं, विवादों का तत्काल निस्तारण कर कार्य प्रारंभ कराएं। साथ ही मुआवजा भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। साथ ही ग्राम नगवा बंधुचक एवं कछुआ खास के ग्रामीणों द्वारा अंदर पास रास्ते की मांग रखी गई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामीणों के लिए तत्काल अंडरग्राउंड रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महावीर घाट पर रात के समय किसानों के खेतों से बिना अनुमति मिट्टी निकाले जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि संबंधित ठेकेदार को पकड़कर उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।
इसके अलावा भरौली मार्ग की लेखपालों के माध्यम से नापी कराकर कार्य प्रारंभ कराने, मार्ग पर पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को निर्देश देने तथा भरौली गोलंबर पर स्थान चिन्हित कर पुलिस चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए गए। भरौली गोलंबर पर स्थित सेनानी स्व. सहजानंद जी की मूर्ति को 20 या 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। एनएच- 27बी बेल्थरारोड मार्ग पर स्थित 188 पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा, डीडीओ आनंद प्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एक सप्ताह में भूमि उपलब्ध न कराने पर वेतन रोकने की दी चेतावनी
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए भूमि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए तहसील सिकंदरपुर, रसड़ा एवं बैरिया में 10-10 एकड़ भूमि एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। किसान कल्याण केंद्र के लिए तहसील बांसडीह, बैरिया एवं बलिया सदर में 25×25 आकार की भूमि एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण के लिए विकास खंड मनियर तथा तहसील सिकंदरपुर एवं बैरिया में 15 स्क्वायर फीट भूमि एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया। सभी तहसीलों में कुल 35 राजकीय यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के निर्माण हेतु 1000 स्क्वायर फीट भूमि तथा 22 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के लिए भी इतनी ही भूमि एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
साथ ही 32 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए 100×100 स्क्वायर फीट भूमि एवं 60 आरसीसी निर्माण हेतु सभी तहसीलों में भूमि उपलब्ध कराने, सभी तहसीलों में कुल 650 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 1000 स्क्वायर फीट भूमि एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में अस्पताल निर्माण के लिए तहसील बांसडीह, रसड़ा एवं बलिया सदर में भूमि चिन्हित करने को कहा गया। साथ ही सभी विकास खंडों/तहसीलों में कुल 22 हेलीपैड निर्माण हेतु 50×50 मीटर भूमि, 14 विकास खंडों में स्टेडियम व ओपन जिम के लिए तीन एकड़ भूमि एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त रसड़ा नगर पालिका में पेयजल परियोजना के लिए 17 स्क्वायर फीट भूमि, विकास खंड नगरा, पंदह, बेरुआरबारी, मुरलीछपरा एवं नवानगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर लैब निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सागरपाली स्थित बाढ़ शरणालय को शिफ्ट करने के लिए पांच दिन के भीतर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायत भवनों पर 4×6 साइज में बाल पेंटिंग के माध्यम से जीरामजी अवश्य लिखवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को जानकारी मिल सके। सीएमओ को निर्देशित किया गया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शत-प्रतिशत स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएं। अन्नपूर्णा भवन को जनवरी माह तक पूर्ण कराने तथा धान खरीद का लक्ष्य भी जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि चिन्हित नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा। साथ ही सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि अपनी-अपनी तहसीलों में वन विभाग के लिए भी भूमि की तलाश सुनिश्चित करें। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

