
मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में पति को पेड़ से बांधकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, छिनैती, मारपीट और बंधक बनाने के चर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट दीपनारायण तिवारी ने मुख्य आरोपी रामाशीष शर्मा को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कुल 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
न्यायालय ने बताया कि मामले में शामिल दो अन्य आरोपी नाबालिग पाए गए थे, जिनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई थी। अभियोजन के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2015 की है, जब पीड़िता अपने पति के साथ वनदेवी पूजा करने गई थी। दोपहर करीब 2 बजे लौटते समय जंगल में रामाशीष शर्मा और उसके साथियों ने दोनों को जबरन पकड़ लिया। विरोध करने पर पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई और पति को हाथ-पैर व मुंह बांधकर पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला को जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल, टप्स, चेन और 5 हजार रुपये भी छीन लिए तथा अश्लील वीडियो बना लिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की सजा व 10 हजार रुपये अर्थदंड, छिनैती में 10 वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये अर्थदंड, तथा मारपीट व बंधक बनाने के मामलों में छह-छह माह की सजा के साथ एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

