Asarfi

Ballia : जिले का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र जहां यूपी, बिहार, नेपाल व मणिपुर के बच्चे लेते है शिक्षा

width="500"

80 एकड़ में फैला देवस्थली विद्यापीठ का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने किया था

रोशन जायसवाल,


बलिया।
राजधानी रोड संवरा में स्थित देवस्थली विद्यापीठ की स्थापना दो अक्टूबर 1988 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने किया था। 80 एकड़ में फैले इस विद्यापीठ में उत्तर प्रदेश, बिहार, मणिपुर और नेपाल के बच्चे यहां आकर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इस कैंपस में कुल पांच हास्टल है जिसमें कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिये अलग, कक्षा चार से आठ तक के बच्चों का अलग, नौ से दस तक के बच्चों का अलग और 11 से 12 तक के बच्चों का अलग हास्टल है।

इसमें छात्राओं का अलग हास्टल है जिसमें 100 छात्राएं विभिन्न प्रांतों से है। इसके अलावा लगभग 400 की संख्या में अलग अलग बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। वैसे इस विद्यालय में लगभग 2800 बच्चों की संख्या बताई जाती है। इस विद्यालय में 103 शिक्षक है और बच्चों को ले जाने और लाने के लिये लगभग 40 बसें है। जिला मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर दूर स्थित देवस्थली विद्यापीठ जिले का सबसे बड़ा शिक्षा का केंद्र माना जाता है।

गौशाला से बच्चों को जाता है दूध व दही
देवस्थली विद्यापीठ में लगभग 75 गायें है, उन गायों से बच्चों को दूध व दही दी जाती है। उन गायों के गोबर से गैस तैयार की जाती है जिससे भोजन तैयार किया जाता है। देवस्थली विद्यापीठ में विशाल गौशाला है जहां गो सेवा के साथ ही उनके रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाता है।

सदानंद निकेतन, परमानंद ब्लाक, दूजा शेखर भवन, मां द्रोपदी निकेतन, जेपी निकेतन है स्थापित
देवस्थली विद्यापीठ में सदानंद निकेतन, परमानंद ब्लाक, दूजा शेखर भवन, मां द्रोपदी निकेतन, जेपी निकेतन के नाम से हास्टल है। इसके अलावा कृपाशंकर सिंह स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स भी विशाल है जहां बच्चों को हर प्रकार के खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिसमें बच्चों को तैयार करने में खेल और कोच की भूमिका भी अहम मानी जाती है। इसके अलावा बच्चों के भविष्य को देखते हुए एनसीसी की शिक्षा देने में देवस्थली विद्यापीठ आगे है।

इनसेट
भारत के थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह 22 अप्रैल 2012 को विद्यापीठ परिसर में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पहली प्रतिमा का लोकार्पण किया था। उस दौरान विद्यालय परिवार ने देवस्थली विद्यापीठ को दुल्हन की तरह सजाया गया था जो आकर्षक का केंद्र बना हुआ था।

देवस्थली विद्यापीठ में कई हस्तियां कर चुकी है अवलोकन
देवस्थली विद्यापीठ में देश की कई हस्तियां आकर अवलोकन कर चुकी है इस विद्यालय के अध्यक्ष विधानसभा परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू, संरक्षक राज्यसभा सांसद नीरज शेखर व प्रबंधक डा. नवीन सिंह व प्रधानाचार्य पीसी श्रीवास्तव है। वैसे इस विद्यालय में डा. केदारनाथ सिंह भी आ चुके है। इसके अलावा सीबीएसई बोर्ड के रिजनल आफिसर प्रयागराज पियुष शर्मा भी आ चुके है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *