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Ballia : टाउन डिग्री कॉलेज में 40 साल बाद यादों की ऐतिहासिक क्लास, पूर्व छात्रसंघ महामंत्री नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू का हुआ भव्य स्वागत

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बलिया। शहर के टाउन डिग्री कॉलेज में मंगलवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण देखने को मिला, जब बीएससी एग्रीकल्चर संकाय की कक्षा में एक विशेष क्लास का आयोजन किया गया। यह क्लास पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ के सम्मान में आयोजित की गई। अवसर था आज ही के दिन 40 वर्ष पूर्व उनके छात्रसंघ महामंत्री चुने जाने की वर्षगांठ का।

विशेष क्लास के दौरान नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। वह उसी कक्षा में और उसी बेंच पर बैठे, जहां अपने छात्र जीवन में बैठकर पढ़ाई किया करते थे। कक्षा में बीएससी एग्रीकल्चर के सभी वर्तमान छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने अपने वरिष्ठ का उत्साहपूर्वक स्वागत और अभिवादन किया।

प्राचार्य प्रोफेसर दयालानंद रॉय ने छात्रों को किया संबोधित
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर दयालानंद रॉय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्लास ऐतिहासिक है, जिसके आप सभी साक्षी बन रहे हैं। आप लोगों के बीच आज एक ऐसे विद्यार्थी बैठे हैं, जिन्होंने इसी कॉलेज और इसी विभाग से शिक्षा ग्रहण की, पढ़ते-पढ़ते छात्रसंघ के महामंत्री और फिर अध्यक्ष बने तथा पिछले चार दशकों से छात्रों के हक और अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों के प्रोफेसरों ने संक्षिप्त रूप में छात्रों को पढ़ाया। वहीं लक्ष्मण यादव ने नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू को साफा पहनाकर उनका स्वागत करते हुए कहा कि 40 वर्षों से छात्रों और समाज के लिए संघर्ष करना वास्तव में प्रेरणादायक है।
अपने संबोधन में नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि आज वह अत्यंत उत्साहित हैं, क्योंकि उन्हें अपने छात्र जीवन के दिनों को फिर से जीने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि छात्र और गुरु का रिश्ता अत्यंत पवित्र होता है, जिसे कभी नहीं तोड़ना चाहिए। कोई भी व्यक्ति तभी आगे बढ़ पाता है, जब उसे गुरुजनों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी उन्हें मिला, वह सब गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है।

1986 मे महामंत्री और 1989 में बने छात्रसंघ अध्यक्ष
उन्होंने छात्रों के बीच अपने संघर्षों का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1986 में द्वितीय वर्ष के छात्र रहते हुए वह छात्रसंघ महामंत्री बने और 1989 में अध्यक्ष चुने गए। महामंत्री बनने के बाद 1987 में छात्रहित में चल रहे एक आंदोलन के दौरान तत्कालीन एसपी उन्हें गिरफ्तार करने कॉलेज आए थे, लेकिन छात्रों, छात्र संगठनों और गुरुजनों की एकजुटता देखकर पुलिस को बिना गिरफ्तारी के ही लौटना पड़ा। झुन्नू सिंह ने कहा कि छात्रसंघ का पद संभालते समय उन्होंने वादा किया था कि अंतिम सांस तक छात्रहितों की रक्षा करेंगे। उसी संकल्प के साथ 40 वर्ष बीत गए। इस दौरान कई बार कॉलेज से प्रतिबंधित किया गया, मुकदमे दर्ज हुए, दर्जनों बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से बीएससी एग्रीकल्चर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अशोक सिंह, प्रोफेसर बृजेश सिंह, प्रोफेसर धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य प्रोफेसर एवं विभाग के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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