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Ballia : क्या हारी हुई सीटों पर जीत हासिल कर पायेगी भाजपा!

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बैरिया, फेफना, सिकंदरपुर, बेल्थरा, रसड़ा विस में हारी थी भाजपा


रोशन जायसवाल,

बलिया। बंगाल चुनाव के बाद उप्र विधानसभा के चुनाव होंगे। मौजूदा समय में भाजपा उन सीटों पर फोकस कर रही है, जिन सीटों पर वह विधानसभा चुनाव-2022 में असफल हुई थी। बीजेपी रणनीति तैयार कर रही है कि हारी हुई सीटों को अपनी झोली में कर सके। बलिया जनपद के कुल पांच विधानसभाओं बैरिया, फेफना, सिकंदरपुर, बेल्थरा एवं रसड़ा में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बैरिया, फेफना एवं सिकंदरपुर में जीत हासिल की थी। भाजपा ने बेल्थरारोड में मौजूदा विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काटकर बसपा छोड़कर आये छट्ठू राम को मैदान में उतारा था। वहीं, बैरिया विधानसभा में मौजूदा विधायक सुरेन्द्र सिंह का टिकट काटकर बलिया नगर के विधायक एवं तत्कालीन मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल को टिकट दिया गया था।

बैरिया में मौजूदा भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह निर्दल चुनाव लड़े। इसके चलते आनंद स्वरूप शुक्ल चुनाव नहीं जीत सके। इसका फायदा सपा को मिला। इसी तरह से भाजपा ने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में मजबूत प्रत्याशी नहीं उतारा। इसके चलते यहां से लगातार तीसरी बार बसपा जीती। सिकंदरपुर में भाजपा के तत्कालीन विधायक संजय यादव भी चुनाव नहीं जीत सके। यहां से सपा ने जीत हासिल की। फेफना में तत्कालीन मंत्री उपेन्द्र तिवारी को सपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा। अब भाजपा इन हारी हुई सीटों पर जीत हासिल करने के लिए रणनीति बना रही है।

पिछले दिनों कानपुर में भाजपा की एक बड़ी बैठक हुई थी। इसमें यह मंथन किया गया कि पिछले विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर भाजपा नहीं जीती, उन सीटों पर इस बार कमल खिलाना है। बलिया जनपद के सातों विधानसभाओं में भाजपा का अगला कदम क्या होगा? यह आने वाला वक्त बतायेगा। क्या नये चेहरों को मौका मिलेगा या फिर पुराने चेहरे ही चुनाव मैदान में रहेंगे? पिछले चुनाव में बांसडीह की सीट भाजपा ने निषाद पार्टी की झोली में डाल दी थी, जबकि 2017 के चुनाव में भी भाजपा ने बांसडीह विधानसभा की सीट सुभासपा की झोली में डाली थी। अब देखना यह होगा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह की सीट सुभासपा की झोली में जाती है या सुभासपा की। या फिर भाजपा अपना प्रत्याशी उतारेगी।

आजमगढ़ में एक भी सीट नहीं जीती भाजपा
बलिया। पूर्वांचल में एक ऐसा जनपद है, जिस जनपद में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पायी। आजमगढ़ जिले में 10 विधानसभा है। किसी भी विधानसभा में बीजेपी का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका। आजमगढ़ में भी भाजपा जीत का एजेंडा तैयार कर रही है। ऐसे प्रत्याशियों का चयन होगा, जो भाजपा को जीत का स्वाद चखा सके।

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