
बलिया। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में रविवार को अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ (जेटीएफआई) के तत्वावधान में जिले के विभिन्न शिक्षक और कर्मचारी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन को तेज करने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
बैठक का आयोजन विशिष्ट बीटीसी के संरक्षक अरुण सिंह के नेतृत्व में हुआ। इसमें प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय सिंह, अटेवा के जिला संयोजक समीर कुमार पांडेय, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम चौबे, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक राजेश सिंह, टीएससीटी के अध्यक्ष सतीश सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ 1160 के अध्यक्ष सतेंद्र राय, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के लाल साहब यादव, शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह, प्रा.शि.संघ पंजीकृत 1160 के निर्भय नारायण सिंह तथा एसटी/एससी बेसिक संघ के अध्यक्ष अंजनी कुमार मुकुल समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नियुक्ति के समय सभी मानकों को पूरा करने वाले शिक्षकों के भविष्य को इस तरह मनमाने ढंग से अंधकार में नहीं धकेला जा सकता। उन्होंने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर सभी शिक्षक संगठन एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। साथ ही 9 से 15 मार्च तक चलाए जाने वाले पोस्टकार्ड अभियान के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजने, ई-मेल और ट्विटर अभियान चलाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मौजूद शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन को व्यापक स्तर पर सफल बनाने की हुंकार भरी। इस दौरान विनय राय (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), गोपाल जी पाठक, इरफान अहमद (जिला उपाध्यक्ष), नित्यानंद पांडेय (कोषाध्यक्ष), अनिल सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष चिलकहर), राजेश सिंह (अध्यक्ष बांसडीह), धर्मेंद्र सिंह सहित कई शिक्षक व कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

