
बलिया। 7 साल पुराने 51 लाख गबन के मामले में सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे वरिष्ठ सहायक मुन्ना को बर्खास्त कर दिया गया है। वरिष्ठ सहायक के घर पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोटिस चस्पा किया।
2019 में 51 लाख रुपये से ज्यादा के गबन में आरोप में निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं-लखनऊ ने 30 मार्च को सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे वरिष्ठ सहायक मुन्ना की सेवा समाप्त कर दी। शनिवार को एसीएमओ डॉ. मंजू रानी व प्रशासनिक अधिकारी योगेश पांडेय ने उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया। कुछ महीने पहले डीएम के निर्देश पर तत्कालीन प्रभारी सीएमओ डॉ. विजय यादव ने लिपिक मुन्ना को हटाया था।
बाद में सीएचसी बांसडीह स्थानांतरण कर दिया था। इस बीच उसने कोर्ट की शरण ली थी। सहायक मुन्ना पर 2019 में वरिष्ठ सहायक गणेश भारद्वाज के साथ मिलकर कूटरचित तरीके से पीएफएमएस तैयार करने और सीएमओ व दिवंगत तत्कालीन सीएमओ डॉ. एसपी राय के फर्जी हस्ताक्षर कर 51,86,160 रुपये निकालने के प्रयास में सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में मुन्ना नवंबर 2019 से ही कारागार में था। जमानत पर बाहर है।
आरोप है कि एनएचएम के पटल सहायक के पद पर रहते हुए फरवरी 2019 में तीन लाख रुपये के सापेक्ष भुगतान के लिए नोटशीट मुकेश भारद्वाज के साथ मिलकर तैयार की गई। जिसमें प्रथम हस्ताक्षर मुकेश भारद्वाज, द्वितीय हस्ताक्षर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के थे। मामले की जांच एडी आजमगढ़ ने की थी।
इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉक्टर आनंद सिंह ने कहा कि निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें लखनऊ के पत्र में वरिष्ठ सहायक मुन्ना को सेवा से पदच्युत किया जाने का मिला था, उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया गया है।

